PM Modi in Tashkent: भारत-उज्बेकिस्तान की दोस्ती हुई और मजबूत, पीएम मोदी ने ‘रणनीतिक साझेदारी’ पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को लेकर बड़ा एलान किया। दोनों देशों ने अपनी मौजूदा रणनीतिक साझेदारी को अब ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ में बदलने का फैसला किया है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश इस नई साझेदारी के तहत ठोस लक्ष्यों के साथ तेजी से आगे बढ़ेंगे।
2030 तक 5 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
पीएम मोदी ने बताया कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर से ज्यादा हो चुका है। अब दोनों देशों ने 2030 तक इसे बढ़ाकर पांच अरब डॉलर करने का लक्ष्य तय किया है।
विदेश मंत्री स्तर पर बनेगी समन्वय परिषद
नई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर का किया जाएगा।
दोनों देशों के कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला एक संयुक्त बिजनेस समिट भी आयोजित किया जाएगा।
यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति पर भी समझौता
भारत और उज्बेकिस्तान यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए भी व्यवस्था स्थापित करेंगे। इसके अलावा तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौतों को औपचारिक रूप दिया जा रहा है।
AI, डिजिटल और ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जरूरी खनिज, क्लीन एनर्जी, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं।
खेती और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी दोनों देशों की क्षमताओं को एक-दूसरे का पूरक बताया गया। भारत की आधुनिक कृषि तकनीक और उज्बेकिस्तान के बागवानी अनुभव से खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
‘न्यू ताशकंद’ से GIFT City तक सहयोग
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में बन रहे ‘न्यू ताशकंद’ और गुजरात की GIFT City का उदाहरण देते हुए विकास के अनुभव साझा करने की बात कही। भारत उज्बेकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित करेगा, ताकि वह इन परियोजनाओं में इस्तेमाल तकनीक और कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सके।
उज्बेकिस्तान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान
यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उज्बेकिस्तान के सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलिय दरजाली दोस्तलिक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग मजबूत करने में पीएम मोदी के योगदान के लिए दिया गया।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच संबंधों में यह नया कदम दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।





