चूल्हा-चक्की से तिरंगे तक, लखनऊ की ग्रामीण महिलाओं के हाथों में देशभक्ति की डोर

लखनऊ:  लखनऊ से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम दयाराम पुरवा में ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं हर घर तिरंगा अभियान में अहम भूमिका निभा रही हैं।

दो साल पहले तक ये महिलाएं चूल्हा-चक्की और घर के काम तक ही सीमित थीं, लेकिन समूह से जुड़ने के बाद न सिर्फ अचार-पापड़ बनाने का हुनर निखरा, बल्कि अब वे देश का तिरंगा भी तैयार कर रही हैं।

लखनऊ में 3.50 लाख तिरंगे बनाने की जिम्मेदारी इन महिलाओं को सौंपी गई है। 5 अगस्त से यह महिलाएं दिन-रात झंडा तैयार करने में जुटी हैं और अब तक 3,48,000 तिरंगे तैयार हो चुके हैं। इन तिरंगों में न केवल मेहनत और हुनर की बुनाई है, बल्कि देशभक्ति की सच्ची भावना भी लहराती है।

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