प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामे के बाद पप्पू यादव का बड़ा बयान, सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने दिल्ली स्थित अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए कथित हमले के बाद अपनी हत्या की साजिश रचे जाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार धमकियां मिलने के बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई।
पप्पू यादव का आरोप है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोगों ने पहले हंगामा किया और फिर उन पर हमला करने की कोशिश की। उनका कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने दावा किया कि यदि समर्थक बीच में नहीं आते तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था।
सांसद के वकील ने भी दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से मिल रही धमकियों की जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर पुलिस बल की संख्या बेहद कम थी और समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
घटना के दौरान मौजूद पप्पू यादव के मीडिया संयोजक ने भी दावा किया कि हमलावरों को रोकने की कोशिश में उनके साथ मारपीट की गई और वे बेहोश हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मौके पर मौजूद होने के बावजूद स्थिति को नियंत्रित करने में नाकाम रही।
घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने केवल राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर सवाल उठाए थे और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं और सवाल किया कि “मैंने आखिर ऐसा कौन-सा अपराध किया है?”
गौरतलब है कि हाल ही में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर संसद परिसर में हुए एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन के बाद पप्पू यादव राजनीतिक विवादों के केंद्र में हैं। इस मामले को लेकर उनके खिलाफ विभिन्न स्थानों पर शिकायतें और एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।





