चंपत राय के पत्र पर नृपेंद्र मिश्रा की प्रतिक्रिया, बोले- मैंने पत्र नहीं देखा; राम मंदिर निर्माण पर कही ये बात

राम मंदिर भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर और परिसर के निर्माण के लिए तय किए गए करीब 70 कार्यों में से 60 कार्य पूरे हो चुके हैं। वहीं, चंपत राय के पत्र को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा ही नहीं है।
राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर बनना करोड़ों श्रद्धालुओं के सपने के साकार होने जैसा है।
केंद्र या राज्य सरकार का पैसा नहीं लगा
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर और मंदिर परिसर के निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार का पैसा नहीं लगाया गया है। निर्माण कार्य ट्रस्ट द्वारा एकत्रित धनराशि से कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तक पूरे किए जा चुके निर्माण कार्य श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपे जा चुके हैं। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी भी ट्रस्ट की होगी।
जलभराव की समस्या के समाधान पर काम
मंदिर परिसर में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने की योजना पर काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को और बेहतर बनाना है।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि अब रामकथा संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण कार्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रामकथा संग्रहालय की गैलरी नंबर-7 के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। संग्रहालय में प्रवेश शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला ट्रस्ट करेगा।
चंपत राय के पत्र पर बोले- मैंने देखा ही नहीं
चंपत राय के पत्र में अपना नाम होने को लेकर पूछे गए सवाल पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा ही नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर कोई विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति से भी बनाई दूरी
राम मंदिर के सीईओ की नियुक्ति के लिए चल रही साक्षात्कार प्रक्रिया को लेकर पूछे गए सवाल पर भी नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।





