लायन सफारी में लापरवाही फिर उजागर: आग लगने से बस बीच जंगल में रुकी, पर्यटक भयभीत

जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में रविवार दोपहर लॉयन सफारी के दौरान एक बड़ा हादसा टल गया। 15 पर्यटकों से भरी सफारी बस जंगल के बीच शेरों के इलाक़े में पहुंच चुकी थी, तभी बस से अचानक धुआं निकलने लगा। बस ठीक उस जगह पर खड़ी थी, जहां आसपास शेर मौजूद थे। ऐसे में न तो सैलानी बाहर उतर सकते थे और न ही इंतजार की कोई गुंजाइश थी। धुआं बढ़ते ही बस में सवार पर्यटक घबरा गए, लेकिन ड्राइवर और स्टाफ ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत वायरलेस पर कंट्रोल रूम को सूचना दी।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने पहले पर्यटकों को समझाकर शांत कराया और फिर दूसरी बस भेजकर सभी 15 सैलानियों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह डेढ़ महीने में सफारी में लापरवाही के कारण सामने आई दूसरी बड़ी घटना है।

धुआं आग में बदला, बस पूरी तरह जल गई

घटना करीब 3:30 बजे हुई, जब 15 सैलानियों को लेकर बस सफारी में प्रवेश कर चुकी थी। कुछ देर बाद बस से धुआं उठने लगा। घबराए यात्रियों ने उतरने की कोशिश की, लेकिन पास ही शेर ‘शक्ति’ घूम रहा था, इसलिए उन्हें रोक दिया गया।
रेस्क्यू टीम पहुंची और सैलानियों को दूसरी वाहन में बैठाकर मुख्य द्वार तक सुरक्षित ले जाया गया। इसी बीच धुआं आग में बदल गया और बस धू-धू कर जलने लगी। पार्क की दमकल आग बुझाने में नाकाम रही, जिसके बाद निगम की टीम को बुलाया गया। तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी।

वन विभाग की शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। घटना ने सफारी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्क में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं है और दो पुरानी बसों का उपयोग अब भी जारी है।

किसी सैलानी या वन्यजीव को नुकसान नहीं

पार्क प्रशासन ने कहा है कि घटना में किसी भी पर्यटक को चोट नहीं आई और न ही शेरों या अन्य वन्यजीवों को कोई नुकसान पहुंचा। जली बस को तकनीकी जांच के लिए बाहर निकाल लिया गया है। विभाग ने भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए वाहनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की बात कही है।

डेढ़ महीने में दूसरी लापरवाही

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में टाइगर सफारी में भी एक बस कीचड़ में फंस गई थी, जबकि टाइगर ‘गुलाब’ कुछ ही दूरी पर था। उस समय भी सैलानियों ने सुरक्षा चूक पर कड़ा विरोध जताया था।

नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क

जयपुर–दिल्ली राजमार्ग पर स्थित यह पार्क शहर से करीब 12 किमी दूर और 720 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। यहां एशियाई शेर, बंगाल टाइगर, तेंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेड़िये, हिरण, मगरमच्छ समेत करीब 250 प्रजातियों के जीव-जंतु व पक्षी मिलते हैं। पार्क सुबह 8:30 से शाम 5:30 तक खुला रहता है, जबकि लॉयन सफारी सुबह 9:00 से शाम 5:00 बजे तक संचालित होती है।

Related Articles

Back to top button