यूपी विधानसभा: हंगामे के कारण समय से पहले खत्म हुआ मानसून सत्र, जानिए दो दिन में क्या-क्या हुआ

उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र लगातार हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राम मंदिर चढ़ावा विवाद, 6900 शिक्षक भर्ती और अनुपूरक बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लगातार बाधित होती कार्यवाही के कारण सत्र समय से पहले ही समाप्त करना पड़ा।
सत्र के तीसरे दिन विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन में हुए घटनाक्रम पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि वह इस बात पर विचार करेंगे कि क्या वह इस पद के योग्य हैं। उनके इस बयान से सदन का माहौल कुछ देर के लिए गंभीर हो गया।
सत्र शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायकों ने 6900 शिक्षक भर्ती और राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये को लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत बताते हुए कहा कि अनुपूरक बजट प्रदेश की 25 करोड़ जनता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है और इस पर चर्चा होनी चाहिए।
दूसरे दिन भी सदन में भारी हंगामा हुआ था। मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान पोस्टर दिखाने पर सपा विधायक सचिन यादव को पूरे मानसून सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने विधानसभा परिसर के बाहर धरना दिया, जहां कई सपा विधायक उनके समर्थन में शामिल हुए।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59,019 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया। हालांकि, विपक्ष के लगातार विरोध और नारेबाजी के बीच सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और अंततः मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।





