कोटा में जल संकट के बीच सक्रिय माफिया, आधे घंटे पानी के 600 रुपए

कोटा में गर्मी बढ़ने के साथ पानी का संकट गहराता जा रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं और इसी मजबूरी का फायदा उठाकर पानी माफिया सक्रिय हो गए हैं। शहर के कई इलाकों में सरकारी बोरिंगों तक पर दबंगों का कब्जा है, जबकि प्राइवेट बोरिंग से घरों तक पाइपलाइन बिछाकर पानी सप्लाई किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में नयागांव, आंवली, रोजड़ी, बरडा, क्रेशर बस्ती और शिवनगर इलाके में पानी माफियाओं का नेटवर्क सामने आया। यहां हर दो-तीन गलियों में निजी पाइपलाइनें बिछी हुई हैं। लोग मजबूरी में हर महीने 500 से 1000 रुपए तक देकर पानी खरीद रहे हैं। शिवनगर में रहने वाली लवली ने बताया कि सरकारी लाइन दो साल पहले डाली गई थी, लेकिन अब तक सप्लाई शुरू नहीं हुई। ऐसे में प्राइवेट कनेक्शन लेना पड़ा, जिसके लिए 600 रुपए महीने देने पड़ते हैं और रोज केवल आधे घंटे पानी मिलता है। अतिरिक्त समय के लिए अलग से पैसे देने पड़ते हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक कई पानी माफिया सरकारी और निजी बोरिंगों से पानी लेकर दर्जनों घरों में सप्लाई कर रहे हैं। कई जगह वॉल्व लगाकर पानी की मात्रा और समय भी नियंत्रित किया जाता है। शिव मंदिर के पास एक बिजली विभाग कर्मचारी पर 40 से ज्यादा अवैध कनेक्शन चलाने का आरोप लगा है।

बरडा बस्ती में महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकारी बोरिंगों पर दबंगों का कब्जा है। वे अपने लोगों को ही पानी भरने देते हैं और विरोध करने पर झगड़े पर उतर आते हैं। मजबूरी में लोगों को प्राइवेट सप्लायरों से महंगे दामों पर पानी लेना पड़ रहा है। कई इलाकों में दो-दो दिन में एक बार टैंकर पहुंचता है और पीने के पानी के लिए लोगों को दूर जाना पड़ता है।

जलदाय विभाग और केडीए अधिकारियों का कहना है कि यदि सरकारी बोरिंगों पर कब्जे और पैसे लेकर पानी सप्लाई करने की शिकायत सही पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। विभाग का दावा है कि आंवली-रोजड़ी समेत कई इलाकों में पेयजल लाइन डालने का काम चल रहा है और जल्द ही नियमित जलापूर्ति शुरू की जाएगी।

Voice chat ended

Related Articles

Back to top button