लखनऊ अब मिसाइलों का शहर.. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की सख्त चेतावनी, उपद्रवियों को नहीं मिलेगा मुस्कुराने का मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने सोमवार को कहा कि लखनऊ की पहचान अब केवल तहजीब, अदब और मुस्कुराहट तक सीमित नहीं रही है, बल्कि राजधानी अब रक्षा उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में भी तेजी से उभर रही है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से लखनऊ में आधुनिक मिसाइलों का निर्माण हो रहा है, जिससे देश की रक्षा क्षमता लगातार मजबूत हो रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश देते हुए कहा कि अब गड़बड़ी करने वालों को मुस्कुराने का मौका नहीं मिलेगा।
ब्रजेश पाठक किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पहले लखनऊ के बारे में कहा जाता था, “मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं”, लेकिन अब समय बदल चुका है। उन्होंने कहा कि लखनऊ आज रक्षा क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है और यहां मिसाइलों का निर्माण हो रहा है। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक के जरिए सटीक लक्ष्य भेदने की क्षमता भारत की ताकत को और मजबूत कर रही है।
1701 छात्रों को मिली उपाधियां, 54 मेधावियों को पदक
अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित केजीएमयू के 22वें दीक्षांत समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने 1701 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। इनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल रहीं। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 54 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया गया।
चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान
समारोह में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है, जबकि विश्वविद्यालय के निर्माण में किंग जॉर्ज का कोई आर्थिक योगदान नहीं था।
इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डीएससी (Doctor of Science) की उपाधि से सम्मानित किया गया। वहीं, विश्वविद्यालय के कई चिकित्सकों और शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए कुलपति पुरस्कार और फैकल्टी अप्रिसिएशन अवॉर्ड भी प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा शिक्षा, शोध और स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशेषज्ञों का सम्मान किया गया। साथ ही विद्यार्थियों से समाज और देश की सेवा के लिए अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करने का आह्वान भी किया गया।





