लोकसभा में 314 और राज्यसभा में 154 तक पहुंच सकता है NDA, बहुमत का गणित बदलेगा

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी राजनीतिक संकट का असर संसद के दोनों सदनों के समीकरण पर पड़ सकता है। पार्टी के सांसदों और विधायकों में बगावत के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की ताकत बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं।

लोकसभा में वर्तमान में NDA के पास 294 सांसद हैं। TMC के 20 बागी सांसदों द्वारा NDA समर्थित खेमे को समर्थन मिलने के बाद यह संख्या बढ़कर 314 तक पहुंच सकती है। हालांकि इसके बावजूद गठबंधन दो-तिहाई बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से अभी भी काफी दूर रहेगा।

वहीं राज्यसभा में भी NDA की स्थिति मजबूत होने की संभावना है। फिलहाल उच्च सदन में गठबंधन के पास 148 सदस्य हैं। आगामी राज्यसभा चुनावों और कुछ निर्दलीय सदस्यों के समर्थन से यह संख्या 151 तक पहुंच सकती है। इसके अलावा TMC के राज्यसभा सांसदों के इस्तीफों से खाली होने वाली सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवारों के जीतने की स्थिति में गठबंधन की संख्या बढ़कर 154 तक पहुंच सकती है।

राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत के लिए 163 सांसदों की जरूरत होती है। ऐसे में संभावित बढ़त के बाद NDA इस आंकड़े से केवल 9 सीट दूर रह जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि TMC में टूट का सिलसिला जारी रहा तो राज्यसभा का गणित और तेजी से बदल सकता है।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, संसद में बढ़ती संख्या NDA के लिए महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने में मददगार साबित हो सकती है। विशेष रूप से संविधान संशोधन जैसे मामलों में अधिक समर्थन जुटाने की चुनौती कुछ हद तक आसान हो सकती है।

हालांकि आगामी राज्यसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों के बदलते राजनीतिक समीकरण आगे की तस्वीर तय करेंगे। विपक्षी दल भी संसद में अपनी ताकत बनाए रखने के लिए रणनीति तैयार कर रहे हैं।

TMC में जारी संकट ने पश्चिम बंगाल की राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी नए राजनीतिक समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है।

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