ICICI बैंक में LIC की बड़ी हिस्सेदारी! RBI से मिली 9.99% शेयर खरीदने की अनुमति

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को ICICI बैंक में 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी एक साल के लिए वैध है और निर्धारित वैधानिक एवं नियामकीय शर्तों के अधीन है।
LIC को ICICI बैंक में हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी
सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को निजी क्षेत्र के ICICI बैंक में हिस्सेदारी बढ़ाने की अनुमति मिल गई है। RBI ने LIC को बैंक की चुकता शेयर पूंजी या वोटिंग राइट्स में कुल 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी हासिल करने की मंजूरी दी है।
ICICI बैंक को RBI के मंजूरी पत्र की प्रति 4 सितंबर 2026 को रात 9:09 बजे मिली। इस मंजूरी के तहत LIC को RBI के पत्र की तारीख से एक साल के भीतर हिस्सेदारी खरीदनी होगी। तय अवधि में अधिग्रहण नहीं होने पर मंजूरी स्वतः रद्द हो जाएगी।
किन शर्तों के अधीन है मंजूरी?
RBI की यह मंजूरी कुछ वैधानिक और नियामकीय शर्तों के अधीन है। LIC को हिस्सेदारी खरीदते समय लागू कानूनों, नियमों और नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा।
गौर करने वाली बात यह है कि RBI से मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि LIC ने तुरंत ICICI बैंक में 9.99 फीसदी हिस्सेदारी हासिल कर ली है। यह मंजूरी LIC को निर्धारित सीमा तक हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति देती है। वास्तविक अधिग्रहण नियामकीय शर्तों के मुताबिक किया जाएगा।
LIC को ICICI बैंक में कितनी हिस्सेदारी खरीदने की अनुमति?
LIC अब ICICI बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स में कुल 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी हासिल कर सकती है। यह सीमा RBI की मंजूरी के तहत निर्धारित की गई है।
इस कदम से LIC के बड़े संस्थागत निवेशकों में शामिल होने के साथ-साथ निजी क्षेत्र के एक प्रमुख बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
HDFC बैंक में भी मिली थी ऐसी मंजूरी
LIC को हाल ही में HDFC बैंक में भी अपनी हिस्सेदारी 9.99 फीसदी तक बढ़ाने के लिए RBI की मंजूरी मिली थी। HDFC बैंक की 19 अगस्त 2026 की नियामकीय फाइलिंग के मुताबिक, RBI ने LIC को बैंक की पेड-अप शेयर कैपिटल या वोटिंग राइट्स में 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी हासिल करने की अनुमति दी थी।
14 अगस्त 2026 तक LIC के पास HDFC बैंक की कुल शेयर पूंजी में 4.11 फीसदी हिस्सेदारी थी। RBI की मंजूरी के बाद LIC के लिए इसे बढ़ाकर 9.99 फीसदी तक ले जाने का रास्ता खुल गया है।
LIC के निवेश के लिए क्या मायने?
ICICI बैंक में 9.99 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की RBI से मंजूरी LIC के निवेश पोर्टफोलियो के लिए अहम कदम है। हालांकि, मंजूरी के बाद वास्तविक हिस्सेदारी कितनी और कब खरीदी जाएगी, यह LIC के निवेश निर्णय और लागू नियामकीय शर्तों पर निर्भर करेगा।
RBI की मंजूरी एक साल की अवधि के लिए है। इसलिए LIC को 4 सितंबर 2027 तक इस मंजूरी का इस्तेमाल करना होगा, अन्यथा मंजूरी समाप्त हो जाएगी।





