लखनऊ अग्निकांड की भयावह तस्वीर, खिड़की नहीं-निकास नहीं, 15 लोगों की दर्दनाक मौत

लखनऊ के हेड हॉपर स्टूडियो में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिल्डिंग में वेंटिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। खिड़कियां और एग्जॉस्ट तक नहीं लगे थे, जिससे आग लगने के बाद पूरी इमारत जहरीले धुएं से भर गई।
भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि 185 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी दो मंजिला इमारत में आग लगने के बाद धुआं बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। दूसरी मंजिल पर स्थित स्टूडियो और लाइब्रेरी का बायोमेट्रिक डबल लॉक गेट भी जाम हो गया, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
जांच के मुताबिक आग की शुरुआत बेसमेंट में लगे AC की आउटडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट से हुई। बेसमेंट में पेट शॉप का गोदाम, ज्वलनशील सामान और मोटरसाइकिलें खड़ी थीं, जिसके कारण आग तेजी से फैल गई।
हादसे के समय बिल्डिंग में 23 लोग मौजूद थे। इनमें से 7 लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि एक युवक ने जान बचाने के लिए ऊपर से छलांग लगा दी। 15 लोग अंदर ही फंस गए और जहरीले धुएं की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
जांच में यह भी सामने आया है कि छत तक जाने वाली सीढ़ियों के रास्ते पर लगा चैनल गेट बंद था। इसके कारण धुआं बाहर नहीं निकल पाया। फायर ब्रिगेड को पीछे की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। करीब 8 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी शव बाहर निकाले गए।
मामले की जांच के लिए गठित SIT और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों और निकास व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई है।





