खाने-पीने की चीजों पर झूठे हेल्थ क्लेम की खैर नहीं, FSSAI ने कंपनियों को भेजे नोटिस

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग, लेबल और विज्ञापनों में किए जा रहे भ्रामक दावों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। नियामक के नोटिस के बाद छह खाद्य कंपनियों ने सुधारात्मक कदम उठाते हुए विवादित दावे, ट्रेडमार्क और लेबल में बदलाव किया है।

‘हेल्दी’ और ‘वीगन’ जैसे दावों पर सवाल

FSSAI की कार्रवाई में लिवयोर वेंचर्स का मामला भी सामने आया। कंपनी अपने रोस्टेड एडामामे बीन्स की पैकेजिंग पर ‘वीगन’ और ‘हेल्दी’ जैसे दावे कर रही थी। नियामक की ओर से इन दावों का आधार मांगे जाने के बाद कंपनी ने लेबल में बदलाव करने और पुरानी पैकेजिंग हटाने की प्रक्रिया शुरू की।

इन कंपनियों पर भी हुई कार्रवाई

FSSAI के मुताबिक, ऑनेस्ट इनोवेशन्स फॉर यू, हेलियोस्टोन स्पेशलिटीज, राजस्थान एग्रो एंड जनरल इंडस्ट्रीज, आयोटा नैनोटेक्नोलॉजी और पंचामृत इंडस्ट्रीज समेत छह खाद्य कारोबारियों ने नोटिस मिलने के बाद सुधारात्मक कदम उठाए।

कुछ कंपनियों ने विवादित ट्रेडमार्क बदले, जबकि कुछ ने उत्पादों से बढ़ा-चढ़ाकर किए गए दावे हटाए। एक कंपनी ने विवादित इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक को अपनी वेबसाइट और बिक्री प्लेटफॉर्म से भी हटा दिया।

उपभोक्ताओं को गुमराह करने पर सख्ती

FSSAI का कहना है कि खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग और विज्ञापनों में ऐसी जानकारी नहीं दी जा सकती, जिससे उपभोक्ता उत्पाद की गुणवत्ता या स्वास्थ्य संबंधी खूबियों को लेकर भ्रमित हों। नियामक ने संकेत दिया है कि भ्रामक लेबल और विज्ञापन के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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