वित्त मंत्री सीतारमण का दावा, वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत मजबूत

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक मजबूती और लचीलापन उसके मजबूत मैक्रोइकोनॉमिक मूलभूत कारकों के कारण है। उन्होंने यह बात बैंक ऑफ महाराष्ट्र के 91वें स्थापना दिवस समारोह में कही।

सीतारमण ने बताया कि पिछले वर्ष अंतरराष्ट्रीय माहौल में अस्थिरता बढ़ी है, जिसका असर कई देशों की अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है। इसके बावजूद भारत की लचीलापन और स्थिरता उसके मजबूत आर्थिक ढांचे, युवा जनसंख्या और घरेलू मांग पर निर्भरता की वजह से कायम है।

आर्थिक वृद्धि और लचीलापन:
वित्त मंत्री ने कहा कि आर्थिक लचीलापन इस साल अप्रैल-जून तिमाही में भी बना रहा, जब भारत की GDP 7.8 प्रतिशत बढ़ी। उन्होंने इसे पिछले दशक में अपनाई गई सक्रिय राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों, संरचनात्मक सुधारों, बड़े पैमाने पर भौतिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे के निर्माण और बेहतर शासन का नतीजा बताया।

सरकारी बैंकों के लिए संदेश:
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को एमएसएमई पर अधिक ध्यान देना चाहिए और उन्हें पर्याप्त ऋण उपलब्ध कराना चाहिए। इसके अलावा, शिक्षा ऋण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी आवेदन अस्वीकृत न हो। बैंकों को कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में भी ऋण वितरण बढ़ाना चाहिए।

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