कांग्रेस ने राम मंदिर मुद्दे पर सरकार को घेरा, कहा- पीएम मोदी संसद में चुप्पी तोड़कर दें जवाब

राम मंदिर मुद्दे पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, पीएम मोदी से संसद में जवाब देने की मांग
राम मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और दान में कथित चोरी के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और दोनों सदनों के सामने अपना पक्ष रखने की मांग की है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में की थी। ऐसे में ट्रस्ट के कामकाज और उस पर उठ रहे सवालों के बीच प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे संसद को पूरी स्थिति से अवगत कराएं।
जयराम रमेश ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है। यदि ट्रस्ट के संचालन या दान प्रबंधन को लेकर किसी तरह के आरोप सामने आए हैं, तो सरकार को इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद के दोनों सदनों को भरोसे में लेकर पूरे मामले पर अपनी बात रखनी चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कामकाज को लेकर उठे सवालों ने लोगों के बीच कई तरह की शंकाएं पैदा की हैं। पार्टी का कहना है कि मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कांग्रेस ने 5 फरवरी 2020 का भी उल्लेख किया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। पार्टी का कहना है कि जिस ट्रस्ट की घोषणा संसद में की गई थी, उससे जुड़े विवादों पर भी संसद में ही जवाब दिया जाना चाहिए।





