पैन इंडिया फिल्मों की होड़ बेकार है राम गोपाल वर्मा का फिल्म इंडस्ट्री पर तंज

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा की तमिल डेब्यू फिल्म ‘शिवा’ अगले महीने 14 नवंबर को री-रिलीज होने जा रही है। इसी बीच उन्होंने मौजूदा समय की पैन इंडिया और मेगा बजट फिल्मों पर अपनी राय रखी है। वर्मा ने कहा कि आजकल फिल्मों में कहानी से ज्यादा विजुअल्स और प्रोडक्शन वैल्यू पर ध्यान दिया जा रहा है, जो सिनेमा को गलत दिशा में ले जा रहा है।

राम गोपाल वर्मा ने कहा, “बहुत सारी पैन-इंडिया फिल्मों में जबर्दस्त कहानी के बजाय विजुअल शानदार बनाने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। मुझे लगता है कि वे गलत दिशा में जा रहे हैं। वे आपको लोकेशन, सेट और हर तरह के स्टंट से प्रभावित करना चाहते हैं।”

उन्होंने अपनी क्लासिक फिल्म ‘शिवा’ (1989) का उदाहरण देते हुए बताया कि इसमें हीरो को एक आम इंसान की तरह दिखाया गया था, जो असाधारण परिस्थितियों में फंसता है। वर्मा के अनुसार, यही वजह है कि फिल्म आज भी दर्शकों से जुड़ाव रखती है।

निर्देशक ने कहा, “‘शिवा’ का एक सीन आज भी लोगों को याद है, जब नागार्जुन का किरदार सड़क पर गुंडों से लड़ने के लिए साइकिल की चेन तोड़ता है। वह पल रियल था, न कि ओवरड्रामैटिक।”

वर्मा ने आगे कहा कि आज की मास मसाला फिल्मों में हीरो पहले फ्रेम से ही सुपरहीरो बनकर सामने आता है, इसलिए कहानी का असर खत्म हो जाता है। “‘शिवा’ जैसी कहानियां समय से परे हैं, क्योंकि लोग उनसे खुद को जोड़ पाते हैं,” उन्होंने कहा।

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