दिल्ली पुलिस का बड़ा दावा: जंतर-मंतर प्रदर्शन में शामिल कई बदमाशों की फेस रिकॉग्निशन से हुई पहचान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन की जांच में पुलिस ने फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से 284 ऐसे लोगों की पहचान करने का दावा किया है, जिनके खिलाफ डकैती, लूट, हत्या, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर मामलों में पहले से आपराधिक केस दर्ज हैं। पुलिस अब सभी संदिग्धों की भूमिका की अलग-अलग जांच कर रही है।

सरकार के निर्देश के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। जांच की जिम्मेदारी पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल प्रत्येक संदिग्ध की पहचान, मौके पर मौजूदगी और भूमिका का उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, पहचान किए गए लोगों में कई ऐसे आरोपी शामिल हैं जिनके खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं। जांच में हत्या से जुड़े मामलों के आरोपी और हत्या के प्रयास के मामलों में नामजद लोगों की भी पहचान होने का दावा किया गया है।

अब तक इस प्रदर्शन और उससे जुड़े घटनाक्रम को लेकर 21 से अधिक एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें राज्य की ओर से दर्ज कराई गई 13 एफआईआर भी शामिल हैं। अधिकांश मामले अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज होने के कारण पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम की मदद से पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।

पुलिस का कहना है कि पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि किसी व्यक्ति को जांच से मुक्त किया जाए या उसके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जाए।

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