चारधाम यात्रा पर ब्रेक: भारी बारिश और लैंडस्लाइड के बाद प्रशासन अलर्ट, श्रद्धालुओं से अपील

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर चारधाम यात्रा को अगले दो दिनों के लिए अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। गढ़वाल मंडल प्रशासन ने कहा है कि मौसम और सड़क मार्गों की स्थिति सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य के कई जिलों के लिए मंगलवार और बुधवार को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर समेत कई जिलों में तेज बारिश, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका जताई गई है। वहीं, अल्मोड़ा, चंपावत, पौड़ी और अन्य जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का भी खतरा बना हुआ है।
लगातार हो रही बारिश के कारण चारधाम यात्रा मार्ग के कई हिस्सों में भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें बाधित हो गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से फिलहाल यात्रा शुरू न करने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की है। साथ ही स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार 2 अगस्त तक राज्य में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, इसलिए मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की अपील की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम में सुधार और मार्गों के सुरक्षित होने के बाद ही चारधाम यात्रा को दोबारा शुरू करने का निर्णय लिया जाएगा।




