ओलंपिक 2036 की मेजबानी को लेकर भारत की तैयारी, पीएम मोदी बोले- युवाओं के पास मंच भी, समर्थन भी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी का सपना लेकर आगे बढ़ रहा है। देश में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारतीय युवा खेलों के क्षेत्र में देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को तमिलनाडु के चेन्नई में जयगोपाल गारोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने युवाओं की प्रतिभा, उनके सपनों और खेलों में करियर बनाने के अवसरों पर बात की।
युवाओं को खेलों में करियर बनाने के मिल रहे अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हर युवा के अपने सपने और अलग-अलग प्रतिभाएं होती हैं। कई युवा खेलों को करियर के रूप में चुनना चाहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि खेल केवल मनोरंजन तक सीमित न रहें, बल्कि युवाओं को इसमें आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर भी मिलें।
उन्होंने कहा कि देश में खेल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। इससे युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के अवसर हासिल कर सकेंगे।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा भारत
भारत को वर्ष 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई है। यह इन खेलों का शताब्दी संस्करण होगा। इससे पहले भारत ने वर्ष 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स आयोजित किए थे।
अब देश की नजर वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी पर है। इस दिशा में अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के तौर पर चुना गया है। हालांकि, 2036 ओलंपिक के मेजबान का अंतिम निर्णय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की प्रक्रिया के तहत होगा।
‘युवाओं के पास मंच भी है, संभावना भी और समर्थन भी’
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी से युवा खिलाड़ियों के लिए नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने कहा, “भारत के युवाओं के पास अब मंच भी है, संभावना भी है और समर्थन भी है। इसका मतलब है कि मौके अनंत हैं।”
प्रधानमंत्री के मुताबिक, खेलों के लिए बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और सहयोग मिलने से युवा खिलाड़ी अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत की भागीदारी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
खेल सुविधाओं के विस्तार पर जोर
भारत में बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी के साथ खेलों के बुनियादी ढांचे का विकास भी महत्वपूर्ण है। बेहतर प्रशिक्षण केंद्र, आधुनिक खेल सुविधाएं और खिलाड़ियों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना इस दिशा में अहम माना जाता है।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि भारतीय युवा आने वाले वर्षों में खेलों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दिशा में चल रहे प्रयासों से देश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अधिक अवसर मिलने की उम्मीद है।





