पैरा एशियन गेम्स टीम चयन विवादों में: निशानेबाजों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग

पैरा एशियन गेम्स 2026 के शुरू होने से पहले भारतीय पैरा निशानेबाजी टीम के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कुछ पैरा निशानेबाजों ने टीम चयन प्रक्रिया में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता और हेरफेर के आरोप लगाए हैं। खिलाड़ियों ने मामले की निष्पक्षता से जांच कराने के लिए स्वतंत्र जांच की मांग की है।

निशानेबाजों की ओर से बुधवार को भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के महानिदेशक को एक पत्र सौंपा गया। इसमें आरोप लगाया गया कि 18 से 24 अक्तूबर तक होने वाले आइची-नागोया पैरा एशियन गेम्स के लिए टीम चयन में भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) के अधिकारियों और उसकी शूटिंग टेक्निकल कमेटी की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

खिलाड़ियों ने क्या आरोप लगाए?

शिकायत में खिलाड़ियों ने दावा किया कि चयन प्रक्रिया के दौरान कथित तौर पर खिलाड़ियों पर सरकारी नकद पुरस्कार राशि में से 20 प्रतिशत कमीशन देने का दबाव बनाया गया। इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों को लाभ पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कोटा और क्वालीफाइंग स्कोर में कथित हेरफेर किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

पैरा निशानेबाज संदीप कुमार, जो पी4 50 मीटर फ्री पिस्टल एसएच1 वर्ग में एशिया में तीसरे स्थान पर हैं, ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चयन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए दावा किया कि एशिया में 14वें स्थान पर मौजूद रुद्राक्ष खंडेलवाल को उनसे और एशिया के नंबर-1 निशानेबाज आकाश से पहले टीम में जगह दी गई।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। खिलाड़ियों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की अपील की है।

देवेंद्र झाझरिया ने आरोपों को किया खारिज

भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने खिलाड़ियों के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि टीम का चयन निर्धारित मानदंडों के अनुसार किया गया है और इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं हुआ।

झाझरिया के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता आधारित और खेल मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुरूप रही है। उन्होंने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बताते हुए किसी भी तरह की अनियमितता से इनकार किया।

खेल मंत्रालय ने क्या कहा?

खेल मंत्रालय से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, खिलाड़ियों की वास्तविक शिकायतों पर ध्यान दिया जाएगा। हालांकि, पैरा एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का चयन पहले ही अंतिम रूप ले चुका है और मौजूदा समय में टीम में बदलाव करना संभव नहीं है।

मंत्रालय स्तर पर खिलाड़ियों की शिकायतों और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही गई है।

न्यायालय जाने की चेतावनी

निशानेबाजों ने कहा है कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया तो वे न्यायिक हस्तक्षेप का रास्ता अपना सकते हैं। खिलाड़ियों ने संकेत दिया है कि वे संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।

खिलाड़ियों की ओर से अदालत की निगरानी में स्वतंत्र जांच और चयन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग किए जाने की बात कही गई है।

फिलहाल पैरा एशियन गेम्स की भारतीय टीम के चयन को लेकर खिलाड़ियों के आरोप और पीसीआई की ओर से दिया गया जवाब आमने-सामने है। अब मामले में संबंधित खेल संस्थाओं और मंत्रालय की ओर से आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।

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