नए सीईओ के संभालते ही राम मंदिर में बदलावों की शुरुआत, कर्मियों के रिकॉर्ड से लेकर अनुशासन तक नई व्यवस्था

राम मंदिर परिसर में कर्मचारियों की गतिविधियों और जिम्मेदारियों की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। मंदिर में चढ़ावे की चोरी की घटना के बाद आंतरिक सुरक्षा और कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को सख्त करने पर जोर दिया है।
नए सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र के स्तर से मंदिर की कार्यप्रणाली में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत कर्मचारियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और उनकी ड्यूटी व तैनाती से जुड़ी जानकारी सॉफ्टवेयर में दर्ज होगी।
हर कर्मचारी की बनेगी डिजिटल प्रोफाइल
नई व्यवस्था के तहत मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारियों की डिजिटल प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसमें कर्मचारी की नियुक्ति, पद, ड्यूटी, तैनाती, उपस्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़ी जरूरी जानकारी दर्ज होगी।
सॉफ्टवेयर के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि कौन सा कर्मचारी किस स्थान पर तैनात है और उसे कौन सी जिम्मेदारी दी गई है। इससे मैनुअल रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करने और जरूरत पड़ने पर जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ड्यूटी के दौरान गतिविधियों पर भी नजर
नई व्यवस्था का उद्देश्य केवल कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करना नहीं है। उनकी तैनाती और ड्यूटी के दौरान गतिविधियों की भी निगरानी की जाएगी। संबंधित अधिकारी यह देख सकेंगे कि कर्मचारी निर्धारित स्थान और जिम्मेदारी के अनुसार काम कर रहा है या नहीं।
मंदिर परिसर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए तकनीकी निगरानी बढ़ाने की योजना बनाई गई है। कर्मचारियों के मोबाइल फोन की समय-समय पर जांच का प्रावधान भी प्रस्तावित है।
सीईओ के पद संभालने के बाद कई बदलाव
राम मंदिर की व्यवस्थाओं में पिछले कुछ समय में कई बदलाव किए गए हैं। इनमें कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के सत्यापन से लेकर सीसीटीवी निगरानी और ड्रेस कोड तक कई व्यवस्थाएं शामिल हैं।
- सभी स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन और कैरेक्टर सर्टिफिकेट अनिवार्य किया गया है।
- कर्मचारियों से उनके परिवार और रिश्तेदारों से जुड़ी जानकारी भी ली जा रही है।
- अलग-अलग विभागों के लिए अलग एसओपी तैयार की जा रही है।
- मंदिर परिसर में करीब 40 नए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है।
- करीब 450 निजी सुरक्षा कर्मियों के ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है।
- कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए फेस रीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड भी तय
मंदिर परिसर में तैनात अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस रखने की व्यवस्था की गई है।
एसबीआई स्टाफ के लिए आसमानी शर्ट और काली पैंट, एजेंसी स्टाफ के लिए भगवा शर्ट और काली पैंट तथा ट्रस्ट स्टाफ के लिए सफेद शर्ट और काली पैंट निर्धारित की गई है। वहीं पुजारी, भंडारी और कोठारी के लिए पीतांबरी रेशमी धोती की व्यवस्था है।
प्रवेश-निकासी और चढ़ावे की व्यवस्था में भी सख्ती
मंदिर परिसर में प्रवेश और निकासी पर वीडियो निगरानी के साथ रोजाना तलाशी की व्यवस्था की गई है। चढ़ावे की नकदी की गिनती अब केवल एसबीआई की टीम द्वारा दो शिफ्ट में किए जाने की व्यवस्था बताई गई है।
नई व्यवस्था में नकदी गिनने के स्थान पर टेबल-कुर्सियों को हटाकर जमीन पर गिनती करने की व्यवस्था भी की गई है।
ट्रस्ट की ओर से किए जा रहे इन बदलावों का उद्देश्य मंदिर परिसर में सुरक्षा, अनुशासन और कर्मचारियों की जवाबदेही को मजबूत करना बताया गया है।





