सत्य निकेतन PG हादसा: मरम्मत के दौरान हटाई दीवार, इमारत ने नहीं सहा भार; ठेकेदार गिरफ्तार

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए PG हादसे की जांच में लापरवाही के कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, इमारत में रेनोवेशन के दौरान बेसमेंट में करीब तीन ट्रक मलबा भर दिया गया था। इसके बाद ग्राउंड फ्लोर पर दुकान के लिए जगह बनाने के लिए एक दीवार तोड़ी गई। दीवार हटने के बाद जर्जर इमारत का संतुलन बिगड़ा और वह भरभराकर ढह गई।
मामले में पुलिस ने लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज कुमार और PG ऑपरेटर सुधांशु लवनीश को गिरफ्तार किया है। महेश गुप्ता समेत तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
हादसे से 10 दिन पहले मिला था रेनोवेशन का काम
जांच में पता चला कि सानोज कुमार को हादसे से करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने इमारत के रेनोवेशन का काम सौंपा था। पूछताछ में उसने बताया कि बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के स्तर तक लाने के लिए उसमें करीब तीन ट्रक मलबा डाला गया था। इसके लिए उसे रोजाना 2,800 रुपये दिए जा रहे थे।
हादसे वाले दिन ग्राउंड फ्लोर की एक दीवार दुकान के लिए जगह बनाने में बाधा बन रही थी। आरोप है कि इसी दीवार को हटाया गया, जिसके बाद इमारत भार नहीं सह सकी और ढह गई।
आसपास सात PG चला रहा था ऑपरेटर
पुलिस के अनुसार, PG ऑपरेटर सुधांशु लवनीश वर्ष 2022 से अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ ‘हॉस्टल डेज’ नाम से PG कारोबार चला रहा था। दोनों आसपास के इलाकों में सात PG संचालित कर रहे हैं। अगस्त 2025 में उन्होंने हादसे वाली इमारत की चार मंजिलें 1.05 लाख रुपये मासिक किराये पर ली थीं।
पुलिस अब निर्माण कार्य के दौरान बरती गई लापरवाही, इमारत की संरचनात्मक स्थिति और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।





