सात मौतों के बाद खुला राज: किराये की कमाई के लिए पुरानी इमारत पर बढ़ाया गया बोझ, FIR में गंभीर आरोप

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पीजी इमारत ढहने के मामले में पुलिस की एफआईआर से कई अहम खुलासे हुए हैं। हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी। पुलिस के मुताबिक, पुरानी इमारत की संरचना पर अतिरिक्त मंजिलें बनाई गई थीं और हादसे के समय भी निर्माण कार्य जारी था।
पुरानी इमारत पर बढ़ाया गया था अतिरिक्त बोझ
एफआईआर के अनुसार, इमारत कई साल पुरानी थी। आरोप है कि मालिक हरिराम बंसल और उनके भाई ने कथित तौर पर किराये से अधिक आमदनी के लिए पुरानी संरचना पर चार ऊपरी मंजिलों का निर्माण कराया था। पुलिस का आरोप है कि इमारत की नींव अतिरिक्त वजन सहने की स्थिति में नहीं थी।
एफआईआर में यह भी उल्लेख है कि हादसे से पहले इमारत में नया निर्माण चल रहा था। इससे पहले से कमजोर संरचना पर और दबाव बढ़ गया। पुलिस इस पूरे मामले में निर्माण में लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जांच कर रही है।
दोपहर करीब एक बजे ढही थी इमारत
पुलिस के मुताबिक, घटना दोपहर करीब एक बजे हुई। पुलिस को 1:34 बजे सूचना मिली कि सत्य निकेतन इलाके में एक पीजी इमारत ढह गई है और उसके अंदर कई लोग फंसे हुए हैं।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो पूरी इमारत मलबे में तब्दील हो चुकी थी। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, जिला क्राइम टीम, एनडीआरएफ, एफएसएल, दमकल और अन्य बचाव दलों को बुलाया गया।
मलबे से निकाले गए नीरज (19), आदित्य कुमार, कृष्ण समेत अन्य लोगों को इलाज के लिए एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया।
हाईकोर्ट ने पीआईएल पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार
हादसे के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े सभी कॉलेजों में छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा अनिवार्य करने की मांग की गई थी।
मुख्य न्यायाधीश डीके उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने मामले को अत्यावश्यक आधार पर सूचीबद्ध करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस तरह की व्यापक दिशा अंतरिम आदेश के जरिए जारी नहीं की जा सकती।
पीजी और कोचिंग सेंटरों की जांच के आदेश
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने शहरभर में पीजी और कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और निर्माण से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, हादसे से पहले बेसमेंट में भी नवीनीकरण का काम चल रहा था। मामले में जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच जारी है।





