दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन का दबदबा: ईशान किशन 270 पर आउट, कुशाग्र ने जड़ा शानदार शतक

दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन ईस्ट जोन के बल्लेबाजों का दबदबा जारी रहा। कप्तान ईशान किशन तिहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने 270 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। ईस्ट जोन ने पहली पारी में 708 रन बनाए।
ईशान किशन ने खेली 270 रन की पारी
ईशान किशन ने 334 गेंदों में 30 चौकों और सात छक्कों की मदद से 270 रन बनाए। वह दूसरी पारी में दो बार बल्लेबाजी के लिए उतरे। इससे पहले वह 250 रन के स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौटे थे, लेकिन टीम को जरूरत पड़ने पर दोबारा बल्लेबाजी के लिए मैदान में आए।
ईशान ने कुमार कुशाग्र के साथ पांचवें विकेट के लिए 230 रन की साझेदारी की। इसके बाद उन्होंने अनुकूल रॉय के साथ भी 140 रन जोड़े और टीम को 600 रन के पार पहुंचाया।
कुशाग्र ने भी जड़ा शतक
कुमार कुशाग्र ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 132 गेंदों में आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 101 रन बनाए। उनके शतक के साथ ईस्ट जोन ने बड़ा स्कोर खड़ा करने की नींव मजबूत की।
ईस्ट जोन के लिए अनुकूल रॉय ने 45, मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 40 और मोहम्मद शमी ने 28 रन बनाए।
साउथ जोन के गेंदबाजों का प्रदर्शन
साउथ जोन की ओर से त्रिपुराणा विजय ने चार विकेट लिए। चामा मिलिंद और श्रेयस गोपाल को दो-दो विकेट मिले, जबकि शेख रशीद ने एक विकेट हासिल किया। मुकेश कुमार ईस्ट जोन की पहली पारी में आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे।
अब साउथ जोन पर दबाव
ईस्ट जोन की पहली पारी 708 रन पर समाप्त होने के साथ दूसरे दिन का खेल भी खत्म हो गया। अब तीसरे दिन साउथ जोन के बल्लेबाजों पर अपनी टीम को मजबूत शुरुआत दिलाने की जिम्मेदारी होगी, जबकि ईस्ट जोन की कोशिश जल्द से जल्द विकेट हासिल करने की होगी।
ईशान ने बनाया खास रिकॉर्ड
ईशान किशन ने दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक लगाकर खास उपलब्धि हासिल की। उनकी 270 रन की पारी उन्हें फाइनल में दोहरा शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल करती है। साथ ही उन्होंने बतौर कप्तान दलीप ट्रॉफी फाइनल में व्यक्तिगत स्कोर के मामले में 1987-88 में अंशुमान गायकवाड़ के 216 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।





