टाटा केमिकल्स को केन्या छोड़ने का आदेश: कंपनी ने कहा- कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया के जरिए सुलझाएंगे मामला

केन्या में टाटा केमिकल्स के परिचालन को लेकर विवाद बढ़ गया है। राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कंपनी को देश में अपना परिचालन बंद करने का आदेश दिया है। इसके बाद टाटा केमिकल्स ने शुक्रवार को अपना पक्ष रखते हुए कहा कि वह लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए केन्या सरकार के साथ उचित कानूनी और नियामकीय माध्यमों से बातचीत जारी रखेगी।
कंपनी ने कहा कि उसकी सहायक इकाई टाटा केमिकल्स मैगाडी लिमिटेड (TCML) केन्या की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। मैगाडी इकाई अफ्रीका की प्रमुख प्राकृतिक सोडा ऐश निर्माता है। कंपनी के मुताबिक, 2005 में मैगाडी संयंत्र का अधिग्रहण करने के बाद से वह केन्या में कारोबार कर रही है।
केन्या ने क्यों दिया परिचालन बंद करने का आदेश?
केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने तीन सितंबर को टाटा केमिकल्स को देश में परिचालन बंद करने का आदेश दिया। रूटो का कहना है कि कंपनी की मौजूदगी से स्थानीय नागरिकों और क्षेत्र को पर्याप्त लाभ नहीं मिला। उन्होंने स्थानीय स्तर पर निवेश, रोजगार और संसाधनों से जुड़े आर्थिक लाभ बढ़ाने पर जोर दिया है। सरकार ने टाटा के संचालन की जगह नई कंपनियों को लाने की बात भी कही है।
इससे पहले जुलाई में केन्या सरकार ने टाटा केमिकल्स मैगाडी के खनन परिचालन को निलंबित कर दिया था। सरकार ने नियामकीय अनुपालन से जुड़े मुद्दों का हवाला दिया था।
कंपनी ने सरकार को सौंपे दस्तावेज
टाटा केमिकल्स के मुताबिक, TCML का खनन परिचालन 28 जुलाई 2026 को निलंबित हुआ था। इसके बाद कंपनी ने केन्या के खनन, ब्लू इकोनॉमी और समुद्री मामलों के मंत्रालय की ओर से मांगी गई जानकारी, रिपोर्ट और दस्तावेज जमा किए।
कंपनी का कहना है कि उसने मंत्रालय की ओर से उठाए गए मुद्दों पर विस्तृत जवाब दिया है और अब सरकार के आगे के निर्देश का इंतजार है। कंपनी ने यह भी कहा है कि उसने लागू नियामकीय आवश्यकताओं के अनुपालन से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई है।
कानूनी और नियामकीय माध्यमों से बातचीत करेगी कंपनी
टाटा केमिकल्स ने कहा कि वह केन्या सरकार के अधिकार का सम्मान करती है। कंपनी लंबित मामलों को सुलझाने के लिए उचित कानूनी और नियामकीय माध्यमों के जरिए रचनात्मक बातचीत जारी रखेगी।
कंपनी ने कहा कि उसकी प्राथमिकता TCML के कर्मचारियों, मैगाडी समुदाय और केन्या में उसके अन्य हितधारकों का कल्याण है। साथ ही कंपनी ने केन्या के निरंतर आर्थिक विकास में योगदान देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई है।
मैगाडी प्लांट टाटा के लिए क्यों अहम है?
टाटा केमिकल्स मैगाडी प्राकृतिक सोडा ऐश का उत्पादन करती है। कंपनी के मुताबिक, मैगाडी से हर साल तीन लाख पचास हजार टन से अधिक सोडा ऐश का निर्यात किया जाता है। इसका इस्तेमाल कांच, डिटर्जेंट, रसायन और अन्य औद्योगिक उत्पादों में किया जाता है।
टाटा केमिकल्स के अनुसार, समूह के चार महाद्वीपों में परिचालन हैं। कंपनी के पास दुनिया भर में 17 विनिर्माण इकाइयां और तीन अनुसंधान एवं विकास केंद्र हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 14,584 करोड़ रुपये रहा था।
आगे क्या होगा?
फिलहाल टाटा केमिकल्स के सामने केन्या सरकार के आदेश और कंपनी की ओर से प्रस्तुत अनुपालन दस्तावेजों के बीच समाधान निकालने की चुनौती है। कंपनी ने साफ किया है कि वह कानूनी और नियामकीय प्रक्रिया के जरिए लंबित मामलों को सुलझाने की कोशिश करेगी। वहीं, केन्या सरकार स्थानीय निवेश, रोजगार और संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ को लेकर अपनी स्थिति पर कायम है।





