यूपी की सियासत में पीडीए बनाम एबीसीडी, जयंत चौधरी ने अखिलेश पर किया तीखा हमला

राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय कैबिनेट मंत्री जयंत चौधरी ने रविवार को लखनऊ में आयोजित सम्मान समारोह में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हर झगड़े को भी राजनीतिक चश्मे से देखते हैं और राजनीतिक रोटियां सेंकने की कोशिश करते हैं।

जयंत चौधरी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने सभी का सम्मान करना सिखाया था। वह जातिवाद की राजनीति के विरोधी थे और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि बात अहंकार, भ्रष्टाचार, चोरी और धोखाधड़ी की है और यही उनकी ‘एबीसीडी’ है।

अखिलेश पर निशाना, बोले- चौधरी साहब ने सिखाया

जयंत ने कहा कि कई दलों ने चौधरी चरण सिंह के नाम का इस्तेमाल किया और चुनाव में उनकी तस्वीर लगाई। उन्होंने कहा कि तस्वीर लगाना आसान है, लेकिन चौधरी साहब के बताए रास्ते पर चलना बेहद कठिन है।

उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह जातिवाद के धुर विरोधी थे और कमजोर तबके को ऊपर उठाना चाहते थे। उनके विचारों से कई लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिला।

स्कूलों और शिक्षा को लेकर भी कही बात

जयंत चौधरी ने शिक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्कूल केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐसे फंड से करीब 11,500 करोड़ रुपये स्कूलों में लगाए हैं, जिसका पहले अलग-अलग मद में पूरा इस्तेमाल नहीं हो पाता था।

उन्होंने डिफेंस कॉरिडोर का जिक्र करते हुए कहा कि तीन साल में 300 ब्रह्मोस मिसाइल तैयार होंगी। साथ ही रक्षा क्षेत्र से जुड़े रोजगार के लिए कौशल विकास पर भी चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि पहली बार आईटीआई के नवीनीकरण की दिशा में काम हो रहा है और इसके लिए 60 हजार करोड़ रुपये का बजट है।

‘ये पीडीए नहीं, पीड़ा है’

जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि सामने वाला हर हथकंडा अपना रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी को साथ लेकर चलने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जाति की राजनीति के बजाय युवा, किसान, व्यापारी, उद्यमी, कुटीर उद्योग और शिक्षक जैसे मुद्दों पर बात होनी चाहिए। अखिलेश पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “ये पीडीए नहीं, पीड़ा है। बौखलाहट है।”

युवाओं को संगठन में आगे बढ़ाने की बात

जयंत ने कहा कि कोई भी संगठन खाली जगह में काम नहीं करता और कार्यकर्ताओं की भावनाओं की कद्र होनी चाहिए। उन्होंने युवाओं और पुराने कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई।

उन्होंने खुद को ‘जेन एक्स’ बताते हुए कहा कि आज जेन जी और जेन अल्फा का दौर है। साथ ही पुराने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे युवाओं को संघर्ष और संगठन के काम का अनुभव बताएं।

लखनऊ सम्मेलन से रालोद ने दिखाया शक्ति प्रदर्शन

लखनऊ में आयोजित रालोद के राष्ट्रीय सम्मेलन को पार्टी के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है। सम्मेलन में पार्टी नेताओं ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कोई भी सरकार रालोद की मदद के बिना नहीं बन सकेगी। पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वांचल और मध्य यूपी में भी अपना विस्तार करने की रणनीति पर काम कर रही है।
रालोद की ओर से 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए नए सामाजिक समीकरण बनाने की कोशिश भी की जा रही है। पार्टी जाट और गुर्जर मतदाताओं के साथ ब्राह्मण मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है।

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