सीतारमण का छह दिन का अमेरिका दौरा शुरू, G20 से निवेश तक कई अहम मुद्दों पर होगी चर्चा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कनाडा के तीन दिवसीय दौरे के बाद छह दिन के अमेरिका दौरे पर पहुंच गई हैं। उनकी इस यात्रा का मुख्य फोकस भारत में निवेश के अवसर बढ़ाना, अमेरिका के साथ आर्थिक और वित्तीय संबंधों को मजबूत करना और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर भारत का पक्ष रखना है। इस दौरान वित्त मंत्री निवेशकों, बड़ी कंपनियों के प्रमुखों और कारोबारी प्रतिनिधियों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगी।
सीतारमण की कनाडा और अमेरिका की संयुक्त यात्रा 2 सितंबर को समाप्त होगी। अमेरिका में उनके कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक है, जिसमें वह भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगी।
शिकागो पहुंचीं वित्त मंत्री
कनाडा की यात्रा पूरी करने के बाद सीतारमण गुरुवार को शिकागो के ओ’हेयर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचीं। यहां भारतीय दूतावास की डिप्टी चीफ ऑफ मिशन नामग्या सी. खम्पा और शिकागो में भारत के कॉन्सल जनरल सोमनाथ घोष ने उनका स्वागत किया।
शिकागो में वित्त मंत्री प्रमुख निवेशकों के साथ एक राउंडटेबल बैठक में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के सीईओ, अध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ भी उनकी बातचीत होगी।
निवेश और भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी पर जोर
इन बैठकों में भारत में निवेश के नए अवसरों, देश के आर्थिक और वित्तीय परिदृश्य तथा भारत-अमेरिका के बीच कारोबारी और निवेश साझेदारी को मजबूत करने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
वित्त मंत्री का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में कई चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में भारत की आर्थिक स्थिति, निवेश के अवसर और दोनों देशों के बीच वित्तीय सहयोग को बढ़ाना यात्रा के प्रमुख एजेंडे में शामिल है।
शिकागो यूनिवर्सिटी भी जाएंगी सीतारमण
अमेरिका दौरे के दौरान सीतारमण शिकागो यूनिवर्सिटी के पोल्स्की सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन का भी दौरा करेंगी। यहां उद्यमिता, नवाचार और तकनीक के व्यावसायीकरण जैसे विषयों पर बातचीत होगी।
इसके साथ ही भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम के साथ संबंधों को मजबूत करने के अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी। वित्त मंत्री शिकागो में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगी।
न्यूयॉर्क में निवेशकों और सीईओ से मुलाकात
शिकागो के बाद सीतारमण न्यूयॉर्क जाएंगी। वहां वह प्रमुख कंपनियों के सीईओ और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ निवेशक राउंडटेबल बैठक करेंगी।
बैठक में भारत में निवेश के अवसरों, देश के आर्थिक एवं वित्तीय परिदृश्य और भारत-अमेरिका के वित्तीय तथा संस्थागत संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा होगी।
नैस्डैक में बेल-रिंगिंग समारोह
न्यूयॉर्क यात्रा के दौरान नैस्डैक की ओर से वित्त मंत्री के लिए ‘बेल-रिंगिंग’ समारोह आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के जरिए तकनीक आधारित वित्तीय बाजारों में हो रहे बदलाव और टेक्नोलॉजी तथा कैपिटल मार्केट के बीच बदलते संबंधों को समझने का अवसर मिलेगा।
G20 बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी
अमेरिका दौरे का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नॉर्थ कैरोलिना के ऐशविले में होने वाली G20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक होगी। यह बैठक अमेरिका की अध्यक्षता में आयोजित की जा रही है।
31 अगस्त और 1 सितंबर को होने वाली इस बैठक में G20 सदस्य देशों के वित्त मंत्री, केंद्रीय बैंक गवर्नर और वरिष्ठ आर्थिक अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।
यह बैठक 29 और 30 अगस्त को होने वाली G20 वित्त एवं केंद्रीय बैंक के डिप्टी अधिकारियों की बैठक के बाद आयोजित की जाएगी।
G20 में भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा?
G20 फाइनेंस ट्रैक भारत को वैश्विक आर्थिक विकास और स्थिरता, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग और विकसित तथा उभरती अर्थव्यवस्थाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखने का मंच देता है।
वित्त मंत्री की बैठक में भागीदारी के जरिए भारत मौजूदा वैश्विक आर्थिक चुनौतियों पर अपना दृष्टिकोण रख सकेगा और G20 देशों के साथ आर्थिक एवं वित्तीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
कनाडा दौरे में भी निवेश पर रहा जोर
अमेरिका पहुंचने से पहले सीतारमण ने कनाडा की तीन दिवसीय यात्रा की। टोरंटो में उन्होंने पहली भारत-कनाडा आर्थिक और वित्तीय वार्ता में हिस्सा लिया।
इस दौरान ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों से जुड़े निवेशकों और कारोबारियों के साथ भी बैठकें हुईं। बातचीत का मुख्य फोकस दोनों देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग को मजबूत करने तथा निवेश और व्यापार के नए अवसर पैदा करने पर रहा।
छह दिन के दौरे में कई अहम लक्ष्य
कुल मिलाकर सीतारमण का अमेरिका दौरा कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। एक ओर वह G20 के मंच पर वैश्विक आर्थिक मुद्दों पर भारत का पक्ष रखेंगी, वहीं दूसरी ओर निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत कर भारत में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगी।
टेक्नोलॉजी, स्टार्टअप, कैपिटल मार्केट, निवेश और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंध इस यात्रा के प्रमुख केंद्र में हैं। 2 सितंबर को यात्रा समाप्त होने तक सीतारमण की कई अहम बैठकों और कार्यक्रमों पर देश-दुनिया की नजर रहेगी।





