एक FIR और पलट गया खेल: साहिल की थाने की दौड़, राहुल की एंट्री और जेन-जी आंदोलन की इनसाइड स्टोरी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए साहिल लोचव के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। साहिल का आरोप है कि घटना के बाद वह कई बार कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। करीब एक महीने तक मामला आगे नहीं बढ़ा, जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी साहिल के समर्थन में सामने आए और संसद मार्ग थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। राहुल गांधी के धरने के बाद पुलिस ने साहिल की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इस पूरे घटनाक्रम को युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी की सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है। जंतर-मंतर पर चल रहे जेन-जी आंदोलन के बीच साहिल का मामला चर्चा में आने के बाद राहुल गांधी ने सीधे पीड़ित के समर्थन में उतरकर सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए। एफआईआर दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने अपना धरना समाप्त किया। अब इस मामले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज है कि क्या राहुल गांधी युवाओं से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाकर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में एक व्यक्ति घायल हुआ था। पीड़ित साहिल की शिकायत के आधार पर संसद मार्ग थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, साहिल के समर्थन में राहुल गांधी के धरने और एफआईआर दर्ज होने के बाद जेन-जी आंदोलन से जुड़े इस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।





