आरक्षण हटाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति आधारित आरक्षण के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग जुटे और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था में बदलाव करते हुए जातिगत आधार के बजाय आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे लोगों ने जमकर नारेबाजी की। हालांकि, प्रदर्शन को लेकर अनुमति न होने के चलते दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए जंतर-मंतर पहुंचे थे। उनका आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए और आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर खाली करने और वैकल्पिक स्थल रामलीला मैदान जाने की अपील की थी। पुलिस की ओर से रामलीला मैदान में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए अनुमति भी दी गई थी, जहां अधिकतम 500 लोगों के शामिल होने की बात कही गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक समूह जंतर-मंतर पर ही डटा रहा और वहां से हटने से इनकार कर दिया।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की है। साथ ही उन्होंने आरक्षित वर्ग के संपन्न परिवारों को आरक्षण के दायरे से बाहर करने, यूजीसी के नए समानता संबंधी प्रावधानों को वापस लेने और शिक्षा संस्थानों में नियमों के दुरुपयोग को रोकने की मांग भी उठाई।
प्रदर्शन का आह्वान सोशल मीडिया के जरिए किया गया था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मिलने के दावे भी सोशल मीडिया पर किए गए थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इन दावों का खंडन किया था। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई और मामले पर नजर रखी जा रही है।





