यूपी में IPS की मां की हत्या: बंद घर में कैसे पहुंचा कातिल? छोटे दरवाजे को लेकर जांच में नया मोड़

उत्तर प्रदेश पुलिस में पुलिस अधीक्षक (हेडक्वार्टर) के पद पर तैनात आशुतोष मिश्रा की मां इंद्रावती की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है। शुरुआती तौर पर जेवर गायब मिलने और मुंह से खून निकलने के कारण हत्या और लूट की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

अब पुलिस इंद्रावती के संपर्क में रहने वाले लोगों और उनके करीबियों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। एसओजी, सर्विलांस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण कर उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाया है। ग्रामीणों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है। गांव और आसपास सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से जांच में मुश्किलें आ रही हैं।

खुले रहने वाले छोटे दरवाजे ने बढ़ाया सवाल

जांच में घर के छोटे दरवाजे को लेकर भी अहम सवाल सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह दरवाजा आमतौर पर खुला रहता था। इंद्रावती गांव आने पर अक्सर दालान में सोती थीं और स्थानीय लोगों के बीच उनका सम्मान था।

पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाली रात वह दालान के बजाय घर के हॉल में क्यों सो रही थीं। इसके अलावा वारदात के बाद घर के बाहरी दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद मिलने की बात भी जांच का हिस्सा है। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर पुलिस यह भी देख रही है कि कहीं किसी परिचित व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।

करीबियों की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस

पुलिस इंद्रावती के गांव आने के बाद उनके संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटा रही है। घटना से एक दिन पहले उनसे मिलने और घर आने-जाने वाले लोगों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। कुछ संदिग्धों को थाने लाकर पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी नहीं सुलझी गुत्थी

पोस्टमार्टम के बाद भी मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने की बात कही गई है। शरीर के कुछ हिस्सों पर चोट के निशान मिले थे और विसरा सुरक्षित रखा गया। दिल को भी जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाने की जानकारी सामने आई है, ताकि हार्ट अटैक समेत अन्य संभावित कारणों की जांच हो सके।

मामले में जेवर गायब होना पुलिस के लिए अहम जांच बिंदु बना हुआ है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है।

अयोध्या में हुआ अंतिम संस्कार

इंद्रावती का अंतिम संस्कार अयोध्या के रामघाट पर किया गया। उनके बेटे आशुतोष मिश्रा ने मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

घटना के बाद गांव में सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

नोट: उपलब्ध रिपोर्टों में इंद्रावती की उम्र को लेकर 91 और 94 वर्ष के अलग-अलग आंकड़े प्रकाशित हुए हैं, इसलिए खबर में उम्र को प्रमुखता नहीं दी गई है।

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