WTC Final Race: किस टीम की राह आसान, किसे करनी होगी कड़ी मेहनत? जानें नौ टीमों का हाल

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2025-27 के फाइनल की दौड़ लगातार रोमांचक होती जा रही है। अगले साल नौ जून से लंदन के ऐतिहासिक द ओवल मैदान पर फाइनल खेला जाएगा। अंक तालिका में शीर्ष दो स्थान हासिल करने वाली टीमें खिताबी मुकाबले में पहुंचेंगी। अभी 15 टेस्ट सीरीज बाकी हैं, ऐसे में कई टीमों के पास फाइनल में पहुंचने का मौका है।
ऑस्ट्रेलिया की स्थिति सबसे मजबूत
ऑस्ट्रेलिया ने अब तक उपलब्ध 96 में से सिर्फ 12 अंक गंवाए हैं। उसके 14 टेस्ट बाकी हैं, जो सभी टीमों में सबसे ज्यादा हैं। इनमें भारत के खिलाफ पांच टेस्ट भी शामिल हैं। 60 प्रतिशत अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए ऑस्ट्रेलिया को 75 और अंक चाहिए। छह जीत और एक ड्रॉ उसे इस स्तर तक पहुंचा सकते हैं।
दक्षिण अफ्रीका भी मजबूत दावेदार
दक्षिण अफ्रीका ने पाकिस्तान में सीरीज ड्रॉ करने के बाद भारत को 2-0 से हराया था। उसके बचे 10 में से आठ टेस्ट घरेलू मैदान पर हैं। 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे 65 और अंक चाहिए, जो पांच जीत और दो ड्रॉ से हासिल किए जा सकते हैं। सात जीत और तीन हार का प्रदर्शन उसे करीब 71 प्रतिशत तक पहुंचा देगा।
न्यूजीलैंड के पास भी अच्छा मौका
न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू और इंग्लैंड के खिलाफ विदेशी सीरीज में जीत दर्ज कर मजबूत स्थिति बनाई है। हालांकि, उसके बाकी 10 टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मुकाबले बड़ी चुनौती होंगे। पांच जीत और एक ड्रॉ उसे 60 प्रतिशत के करीब पहुंचा सकते हैं।
बांग्लादेश को विदेशी जमीन पर करना होगा बेहतर प्रदर्शन
बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 2-0 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। हालांकि, उसके आगे ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ विदेशी सीरीज हैं। घरेलू मैदान पर बचे चारों टेस्ट जीतने के बावजूद 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका में कम से कम एक जीत दर्ज करनी होगी या तीन मैच ड्रॉ कराने होंगे।
भारत के लिए हर मुकाबला अहम
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में 0-2 की हार के बाद भारत की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। भारत के नौ टेस्ट बाकी हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैच शामिल हैं। 60 प्रतिशत अंक प्रतिशत तक पहुंचने के लिए भारत को 78 और अंक चाहिए। छह जीत और दो ड्रॉ या सात जीत उसे इस स्तर तक पहुंचा सकती हैं।
भारत को श्रीलंका और न्यूजीलैंड के खिलाफ विदेशी सीरीज में भी अच्छा प्रदर्शन करना होगा। सात जीत और दो हार से भारत करीब 62.96 प्रतिशत तक पहुंच सकता है, जबकि आठ जीत और एक हार से उसका प्रतिशत 68.52 तक जा सकता है।
श्रीलंका को घरेलू मैदान का उठाना होगा फायदा
श्रीलंका ने अब तक दो सीरीज खेली हैं। उसने बांग्लादेश को 1-0 से हराया, जबकि वेस्टइंडीज के खिलाफ 0-1 से हार मिली। उसके बाकी मुकाबले बेहद महत्वपूर्ण हैं। 60 प्रतिशत तक पहुंचने के लिए उसे पांच जीत और दो ड्रॉ या छह जीत की जरूरत होगी। भारत के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज उसके अभियान के लिए अहम होगी।
इंग्लैंड की राह बेहद मुश्किल
इंग्लैंड का प्रदर्शन अब तक निराशाजनक रहा है। टीम 4-8 के जीत-हार रिकॉर्ड के साथ-साथ ओवर रेट की वजह से 14 अंक की पेनल्टी भी झेल चुकी है। बाकी सभी आठ टेस्ट जीतने के बावजूद, बिना किसी अतिरिक्त पेनल्टी के उसका अंक प्रतिशत अधिकतम करीब 53.17 ही पहुंच पाएगा। ऐसे में उसके लिए फाइनल में जगह बनाना बेहद मुश्किल है।
पाकिस्तान को करना होगा चमत्कार
पाकिस्तान ने अब तक दो जीत और चार हार दर्ज की हैं और उसके खाते में आठ पेनल्टी अंक भी हैं। उसके सात टेस्ट बाकी हैं। अगर वह सभी सात मुकाबले जीतता है तो उसका अंतिम अंक प्रतिशत करीब 64.1 तक पहुंच सकता है। ऐसे में फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए पाकिस्तान को लगभग हर मुकाबले में जीत हासिल करनी होगी।
वेस्टइंडीज की राह लगभग बंद
वेस्टइंडीज के अब सिर्फ दो टेस्ट बाकी हैं। वह अधिकतम 32.14 प्रतिशत अंक तक ही पहुंच सकता है। ऐसे में उसके लिए WTC 2025-27 के फाइनल में पहुंचना संभव नहीं है।
65 प्रतिशत के आसपास रह सकता है क्वालिफिकेशन का कटऑफ
पिछले दो WTC चक्रों में फाइनल में पहुंचने वाली टीमों का अंक प्रतिशत 65 प्रतिशत से अधिक रहा था। हालांकि, 2023 में भारत 58.8 प्रतिशत अंक प्रतिशत के साथ फाइनल में पहुंचा था। मौजूदा समीकरण को देखते हुए इस बार भी करीब 65 प्रतिशत अंक प्रतिशत फाइनल में जगह बनाने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
फिलहाल ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड मजबूत दावेदार नजर आ रहे हैं, जबकि भारत समेत अन्य टीमों के लिए आने वाले टेस्ट मुकाबले फाइनल की तस्वीर तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।





