मानसून सत्र से पहले सियासी संग्राम, खरगे ने PM मोदी से राम मंदिर और पेपर लीक पर मांगा जवाब

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष सदन में जनता से जुड़े हर मुद्दे पर सरकार से जवाबदेही तय करेगा।
खरगे ने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए स्वतंत्र जांच और पूरे हिसाब को सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया था, इसलिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से अब तक देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं। इस मुद्दे पर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग की।
खरगे ने एथेनॉल मिश्रण के मुद्दे पर भी सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों वाहन मालिकों पर एथेनॉल मिश्रण का बोझ डाला जा रहा है और सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए।
संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान खरगे ने छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
मानसून सत्र के दौरान विपक्ष राम मंदिर चंदा, पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था, एथेनॉल मिश्रण समेत जनहित के कई अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।





