Tamil Nadu: कलपक्कम परमाणु केंद्र के पास मॉक ड्रिल, 10 गांवों में लोगों को सिखाए गए आपदा प्रबंधन के उपाय

तमिलनाडु के चेंगलपट्टू जिले स्थित कलपक्कम परमाणु परिसर के आसपास शनिवार को व्यापक स्तर पर ऑफ-साइट इमरजेंसी मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस अभ्यास का उद्देश्य संभावित परमाणु आपात स्थिति में जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और परमाणु केंद्र के अधिकारियों की तैयारियों और समन्वय क्षमता का परीक्षण करना था। मॉक ड्रिल के तहत आसपास के 10 गांवों में आपदा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न अभ्यास किए गए।

परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE) के अनुसार, कलपक्कम परिसर में मद्रास एटॉमिक पावर स्टेशन (MAPS), इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR), प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) की कई महत्वपूर्ण इकाइयां संचालित हैं।

मॉक ड्रिल के दौरान प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) में एक काल्पनिक दुर्घटना का परिदृश्य तैयार किया गया। इसके आधार पर ऑफ-साइट इमरजेंसी घोषित होने की स्थिति में राहत, बचाव, समन्वय और आपदा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया।

DAE ने बताया कि परमाणु संयंत्रों में किसी गंभीर दुर्घटना की संभावना बेहद कम होती है, क्योंकि इनके संचालन में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था (Defence in Depth) अपनाई जाती है। इसके बावजूद किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए समय-समय पर ऐसे अभ्यास कराए जाते हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि मॉक ड्रिल के दौरान आम लोगों की दैनिक गतिविधियों पर कोई असर नहीं पड़ा। किसी तरह की अफवाह या घबराहट से बचने के लिए स्थानीय लोगों को पहले ही अभ्यास की जानकारी दे दी गई थी, जबकि पूरे अभ्यास का विस्तृत घटनाक्रम अधिकारियों के लिए गोपनीय रखा गया था।

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