Commerce Secretary का बड़ा संदेश: सिर्फ उत्पादन नहीं, नवाचार और ‘Create in India’ पर होगा फोकस

Commerce Secretary: ‘सिर्फ Make in India नहीं, अब Create in India की जरूरत’, वाणिज्य सचिव ने दिया नया मंत्र
भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए अब केवल मैन्युफैक्चरिंग पर निर्भर रहने से काम नहीं चलेगा। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि देश को उत्पादन के साथ-साथ एक मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम विकसित करना होगा, ताकि भारत सिर्फ उत्पादों का निर्माता ही नहीं, बल्कि नई तकनीक और नए उत्पादों का सृजनकर्ता भी बन सके।
चिंतन शिविर 2026 के ‘इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट विजन’ कार्यक्रम में राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत को नेट इलेक्ट्रॉनिक्स आयातक से नेट निर्यातक बनने के लिए ‘Create in India’ की सोच को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि उत्पादन के समानांतर नवाचार का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना जरूरी है, जिससे देश वैश्विक वैल्यू चेन में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
वाणिज्य सचिव ने कहा कि केवल मौजूदा उत्पादों का निर्माण या असेंबलिंग करने से भारत दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धा हासिल नहीं कर पाएगा। इसके लिए स्वदेशी डिजाइन, रिसर्च, नई तकनीक और उत्पाद विकास पर विशेष जोर देना होगा। उनका मानना है कि इनोवेशन आधारित विकास मॉडल ही भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर ले जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं और उद्योगों की भागीदारी के जरिए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे भारत न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, बल्कि उच्च मूल्य वाले उत्पादों के निर्यात में भी अपनी हिस्सेदारी मजबूत कर सकेगा।





