दानपात्रों की चाबियां मिलने से बढ़ा विवाद, राम मंदिर ट्रस्ट पर उठे सवाल

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट में ट्रस्ट महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और निर्माण प्रभारी गोपाल राव समेत 17 लोगों को आरोपी माना है। सूत्रों के मुताबिक, इनके खिलाफ FIR दर्ज होने की संभावना है।
जांच के दौरान दानपात्रों की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के पास मिलीं। SIT ने ऐसे करीब 150 सेवादारों और कर्मचारियों को चिन्हित किया है, जिनकी आर्थिक स्थिति रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अचानक बदली है।
मंगलवार को आरोपों के बीच चंपत राय राम जन्मभूमि परिसर स्थित शेषावतार मंदिर के ध्वजारोहण कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया, लेकिन चढ़ावा चोरी मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
वहीं, आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने SIT की वैधता पर सवाल उठाते हुए जांच को फर्जी बताया। दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने मामले में FIR दर्ज कर नियमित पुलिस जांच कराने की मांग की है।
सूत्रों के अनुसार, SIT ने अपनी रिपोर्ट में FIR दर्ज करने, ट्रस्ट के पुनर्गठन और पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश की है।





