194 किमी भटककर भरतपुर पहुंचा चीता, वन विभाग की टीम अलर्ट पर

मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KP-3 इन दिनों भरतपुर के बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य में ठिकाना बनाए हुए है। वन विभाग के अनुसार, चीता पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में मौजूद है और यहां के वातावरण में पूरी तरह सहज दिखाई दे रहा है। इस दौरान उसने एक बछड़े का शिकार भी किया है।
KP-3 अफ्रीकी देशों से वर्ष 2022 में भारत लाए गए चीते ‘आशा’ और ‘ओबान’ की संतान है, जिसका जन्म कूनो नेशनल पार्क में हुआ था। उसके गले में लगे जीपीएस कॉलर की मदद से कूनो प्रशासन ने भरतपुर वन विभाग को उसकी लोकेशन की जानकारी दी।
भरतपुर के डीएफओ चेतन कुमार ने बताया कि बंध बारैठा का प्राकृतिक वातावरण चीते के लिए अनुकूल है। करीब 36 हजार हेक्टेयर में फैले इस अभयारण्य में घने जंगल, पहाड़ियां, जल स्रोत और पर्याप्त शिकार उपलब्ध हैं। भोजन, पानी और सुरक्षित आवास मिलने के कारण चीता फिलहाल यहीं ठहरा हुआ है।
वन विभाग की टीम लगातार चीते की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है। हाल ही में उसे टमकौली क्षेत्र में पानी पीते हुए देखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि चीते और आसपास के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी जारी है।
वन विभाग के अनुसार, 26 मई को पहली बार KP-3 की लोकेशन बंध बारैठा क्षेत्र में ट्रेस हुई थी। हालांकि वह कभी-कभी करौली वन क्षेत्र की ओर भी बढ़ जाता है, लेकिन फिलहाल उसका मुख्य ठिकाना बंध बारैठा वन्यजीव अभयारण्य बना हुआ है।





