क्लाइमेट चेंज का नया खतरा: बड़े और घातक ओले फसलों से लेकर संपत्ति तक मचाएंगे तबाही

जलवायु परिवर्तन से और विनाशकारी होंगे ओले, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी

जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ओलावृष्टि पहले से अधिक खतरनाक और नुकसानदायक हो सकती है। वैज्ञानिकों ने एक नए अध्ययन में चेतावनी दी है कि दुनिया के कई हिस्सों में बड़े आकार के ओले गिरने की घटनाएं बढ़ सकती हैं, जिससे जान-माल और कृषि को भारी नुकसान होने की आशंका है।

हाल ही में अमेरिका के मिसौरी राज्य के स्प्रिंगफील्ड शहर में बेसबॉल के आकार के ओले गिरे थे, जिनसे वाहनों, घरों की छतों और खिड़कियों को व्यापक नुकसान पहुंचा। वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसी घटनाएं भविष्य में और आम हो सकती हैं।

27 मई को प्रतिष्ठित जर्नल नेचर में प्रकाशित एक अध्ययन में पेकिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने बताया कि बढ़ते वैश्विक तापमान के बावजूद बड़े ओलों के बनने की संभावना बढ़ रही है। अध्ययन में कंप्यूटर सिमुलेशन की मदद से बादलों में ओलों के निर्माण की प्रक्रिया का विश्लेषण किया गया। इसमें तापमान, नमी और तेज हवाओं जैसे मौसमीय कारकों को शामिल किया गया।

शोध के लिए वैज्ञानिकों ने वर्ष 2014 से 2021 के बीच दुनिया भर में हुई 14 हजार से अधिक ओलावृष्टि वाली आंधियों के आंकड़ों का अध्ययन किया। इसके बाद इन आंकड़ों को भविष्य के जलवायु परिदृश्यों पर लागू किया गया। नतीजों में सामने आया कि जलवायु परिवर्तन के चलते छोटे ओलों की संख्या घट सकती है, लेकिन बड़े और अधिक नुकसान पहुंचाने वाले ओलों की घटनाएं बढ़ेंगी।

अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता किंगहोंग झांग के अनुसार, छोटे ओले गर्म वातावरण में पिघलकर बारिश की बूंदों में बदल जाते हैं, जबकि बड़े ओले पूरी तरह नहीं पिघलते और बड़े आकार में ही जमीन पर गिरते हैं। यही वजह है कि भविष्य में ओलावृष्टि की घटनाएं भले कम दिखाई दें, लेकिन उनका प्रभाव कहीं ज्यादा विनाशकारी हो सकता है।

वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को नियंत्रित नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में अंगूर के आकार या उससे भी बड़े ओले सामान्य बात हो सकते हैं। इससे कृषि, संपत्ति और जनजीवन पर गंभीर असर पड़ सकता है।

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