मेडिकल ग्राउंड पर आसाराम को राहत, हाईकोर्ट ने बढ़ाई अंतरिम बेल

राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने रेप केस में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम को एक बार फिर राहत देते हुए उनकी अंतरिम जमानत 7 जुलाई तक बढ़ा दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेडिकल आधार पर यह राहत दी।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम जमानत 7 जुलाई तक या सजा स्थगन मामले में सुरक्षित रखे गए फैसले के आने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी। सोमवार को आसाराम की पिछली अंतरिम जमानत अवधि समाप्त हो रही थी।

सुनवाई के दौरान आसाराम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि 86 वर्षीय आसाराम का इलाज अभी जारी है और उन्हें लगातार मेडिकल निगरानी की जरूरत है। साथ ही सजा स्थगन याचिका पर 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी हो चुकी है और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ है।

खंडपीठ ने मामले की परिस्थितियों को देखते हुए अंतरिम जमानत बढ़ाने का आदेश दिया। हालांकि अदालत ने कहा कि यदि 7 जुलाई से पहले सजा स्थगन पर फैसला आ जाता है, तो अंतरिम राहत उसी फैसले के अधीन मानी जाएगी।

गौरतलब है कि आसाराम को अगस्त 2013 में जोधपुर आश्रम में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 25 अप्रैल 2018 को उन्हें दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके अलावा गांधीनगर आश्रम में महिला अनुयायी से दुष्कर्म मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा मिल चुकी है।

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