बिजली विभाग की अनदेखी, पेड़ों की वजह से टूटे तार-पोल, लंबा कट लगा

पेड़ों की छंटाई नहीं होने से शहर में बिगड़ी बिजली व्यवस्था, कई इलाकों में घंटों गुल रही सप्लाई
शहर में सड़कों किनारे खड़े पुराने और घने पेड़ों की समय पर छंटाई नहीं होने का असर अब बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। पेड़ों की फैली शाखाएं बिजली लाइनों और खंभों से टकरा रही हैं, जिससे अंधड़ और तेज हवा के दौरान तार टूटने, पोल क्षतिग्रस्त होने और लंबे समय तक बिजली गुल रहने की घटनाएं बढ़ गई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार समय रहते पेड़ों की छंटाई कर दी जाती तो शाखाओं पर हवा का दबाव कम पड़ता और वे बिजली लाइनों पर नहीं गिरतीं। गर्मी के मौसम में आंधी-तूफान के दौरान स्थिति और गंभीर हो गई है। कई इलाकों में पेड़ों की टहनियां लगातार बिजली तारों से टकरा रही हैं, जिससे ट्रिपिंग और फॉल्ट की समस्या बढ़ रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जयपुर डिस्कॉम ने समय पर छंटाई कार्य नहीं कराया, जिसके कारण हाल ही में आए अंधड़ के दौरान कई इलाकों में 3 से 12 घंटे तक बिजली सप्लाई बाधित रही।
मालाखेड़ा रोड, कंपनी बाग रोड, जेल चौराहा, एरोड्रम रोड, स्कीम नंबर-2, शिवाजी पार्क, साउथ वेस्ट ब्लॉक, लाल डिग्गी रोड, कालीमोरी भवानी तोप रोड, कृषि उपज मंडी के पीछे और नया बास समेत कई क्षेत्रों में पेड़ों की शाखाएं बिजली लाइनों तक पहुंच चुकी हैं।
इन क्षेत्रों में रही बिजली बाधित
स्वर्ग रोड, स्कीम-1 एक्सटेंशन, मेहताब सिंह का नौहरा और प्रेम नगर में करीब 5 घंटे तक बिजली गुल रही। स्कीम-10 में 2 घंटे, गांधी नगर में 4 घंटे, तूलेड़ा रोड और बोहरा कॉलोनी में 12 घंटे, एनईबी एक्सटेंशन में 4 घंटे, फूटी खेड़, पहाड़गंज और गालिब सैयद क्षेत्र में 5 घंटे तक सप्लाई बाधित रही। वहीं शांति कुंज, जवाहर नगर, सामोला और प्रीत विहार सहित अन्य इलाकों में भी 2 से 4 घंटे तक बिजली कटौती हुई।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि रखरखाव कार्य लगातार कराया जा रहा है। पेड़ों की डालियां गिरने से सप्लाई प्रभावित हुई है और कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।





