डेढ़ साल में 4 मौतें, फिर भी अधूरा पड़ा स्पीड ब्रेकर; प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

अलवर में सड़क हादसे में छात्रा की मौत के बाद प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां यूआईटी ने जल्दबाजी में आधा-अधूरा स्पीड ब्रेकर बना दिया और उस पर सफेद पट्टी तक पूरी नहीं की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल औपचारिकता निभा रहा है और सुरक्षा इंतजामों को गंभीरता से नहीं ले रहा।

दरअसल, 2 मई को जैन मंदिर रोड पर कार की टक्कर से एक ई-रिक्शा पलट गया था। हादसे में स्कीम नंबर-10 निवासी 13 वर्षीय छात्रा छवि अरोड़ा की मौत हो गई, जबकि उसकी बड़ी बहन बाल-बाल बच गई। घटना के बाद लोगों ने बताया कि इलाके में स्पीड ब्रेकर नहीं होने के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। इसके बाद प्रशासन ने स्पीड ब्रेकर तो बनवाए, लेकिन उनमें भी लापरवाही देखने को मिली।

स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मीडिया में मामला उठने के बाद यूआईटी ने ब्रेकर पर सफेद लाइनिंग करवाई, लेकिन वह भी अधूरी छोड़ दी गई। एक तरफ छह लाइनें बनाई गईं, जिनमें से दो लाइनें आधी अधूरी रह गईं। लोगों ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटे-छोटे सुरक्षा कार्य भी सही तरीके से पूरे नहीं किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में अलवर शहर में सड़क पार करते समय चार लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। हर हादसे के बाद केवल अस्थायी उपाय किए जाते हैं, जो लोगों की सुरक्षा के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।

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