ट्रेन में ड्यूटी पर नशे में मिला टीसी, जांच शुरू; वंदे भारत की टाइमिंग प्रभावित

अलवर में वंदे भारत ट्रेन देरी मामले में नशे में मिले टीसी की जांच रिपोर्ट को लेकर पिछले 5 दिनों से चल रही खींचतान आखिरकार मंगलवार को खत्म हो गई। रेलवे पुलिस (आरपीएफ) ने जिला अस्पताल से टीसी का ब्लड सैंपल और जांच रिपोर्ट प्राप्त कर ली है। अब आरपीएफ इसे लिखित शिकायत के साथ जीआरपी को सौंपेगी, जिसके बाद जीआरपी सैंपल को जयपुर फोरेंसिक लैब भेजेगी। फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि टीसी शराब के नशे में था या नहीं।

दरअसल, जांच रिपोर्ट और सैंपल पिछले 5 दिनों से जिला अस्पताल में ही रखे हुए थे। लेकिन सीएमआई शिवदयाल, आरपीएफ और जीआरपी के बीच यह तय नहीं हो पा रहा था कि रिपोर्ट और सैंपल कौन लेकर जाएगा और जयपुर कौन पहुंचाएगा। इसी कारण मामला अटका रहा। डॉक्टरों ने भी साफ कर दिया था कि बिना सैंपल के रिपोर्ट नहीं दी जाएगी और सैंपल जीआरपी के जरिए ही फोरेंसिक भेजना होगा।

मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. पी.सी. सैनी के अनुसार, जिस दिन टीसी अरविंद चौधरी का मेडिकल कराया गया, उस दिन भी जीआरपी को बुलाने की बात कही गई थी, लेकिन बिना तहरीर के ही सैंपल लिया गया ताकि सबूत सुरक्षित रह सकें। यदि सैंपल समय पर जयपुर नहीं पहुंचा, तो उसकी गुणवत्ता खराब हो सकती है और सबूत प्रभावित हो सकते हैं।

जीआरपी के एएसआई सत्येंद्र ने बताया कि सीएमआई शिवदयाल और आरपीएफ को हमें उसी दिन सूचित करना था, जिससे उसी दिन हम डॉक्टर्स को तहरीर दे पाते, लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया। इसकी वजह से इस मामले में देरी हो पाई है। अब आरपीएफ ने सैंपल और रिपोर्ट ले ली है और लिखित में सौंपने के बाद इसे जांच के लिए जयपुर भेजा जाएगा।

अलवर जंक्शन पर वंदे भारत 37 मिनट लेट हुई थी तब टीसी नशे में मिला था।
अलवर जंक्शन पर वंदे भारत 37 मिनट लेट हुई थी तब टीसी नशे में मिला था।
असल में 30 अप्रैल की रात अलवर रेलवे जंक्शन पर वंदे भारत ट्रेन करीब 37 मिनट देरी से रवाना हुई थी। इस दौरान जयपुर की एक 25 वर्षीय महिला यात्री को मिर्गी का दौरा पड़ा था। आरोप है कि मौके पर मौजूद टीसी अरविंद चौधरी शराब के नशे में था, जिसके कारण समय पर व्यवस्था नहीं हो सकी और ट्रेन को देरी का सामना करना पड़ा। अब फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।

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