कार्रवाई से नाराज आरोपियों ने वनकर्मियों को पीटा, पुलिस ने 10 को दबोचा

वन विभाग की टीम पर हमले और सरकारी संपत्ति छीनने के मामले में पुलिस ने 7 और वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 3 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
40-50 लोगों ने किया हमला
पुलिस के अनुसार, घटना 17 जनवरी की रात की है। वन विभाग की टीम जब जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लौट रही थी, तभी करीब 40 से 50 लोगों ने रास्ता रोककर टीम को घेर लिया।
आरोपियों ने पहले सड़क पर पत्थर डालकर अवरोध बनाया, फिर लाठी-डंडों से वनकर्मियों पर हमला कर दिया। इस हमले में कई कर्मचारी घायल हो गए।
ट्रैक्टर-ट्रॉली छीनकर फरार
हमले के दौरान आरोपियों ने जबरन ट्रैक्टर-ट्रॉली छीन ली और मौके से फरार हो गए। यह ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों से भरी हुई थी, जिसे वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए जब्त किया था।
एक ही गांव के हैं आरोपी
एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी—धोलाराम, राजेश उर्फ राजू, राकेश गुर्जर उर्फ मोटा, मुखराम, सीताराम उर्फ सीतो, रामखिलाड़ी उर्फ सांडा और रूपराम—सभी काली खोल गांव के निवासी हैं।
इस मामले में पहले ही 22 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।
ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम
वन विभाग को सूचना मिली थी कि काली खोल गांव के पास अवैध रूप से हरे पेड़ों की कटाई कर लकड़ियां ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर ले जाई जा रही हैं।
टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी ट्रैक्टर लेकर भाग गए, लेकिन वन विभाग ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और लकड़ियां जब्त कर लीं। इसी दौरान लौटते वक्त टीम पर हमला किया गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार किया जाएगा।





