सभी अवसर समाप्त: केजीएमयू में बनी मजारें हटेंगी, प्रशासन ने तय की समयसीमा

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) परिसर में मौजूद छह मजारों को अगले 15 दिन के भीतर हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इन मजारों को हटाने के लिए पहले जारी किए गए नोटिस की समयसीमा समाप्त हो चुकी है और अब अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
केजीएमयू के प्रवक्ता प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही संबंधित पक्षों को नोटिस देकर मजार हटाने के लिए समय दिया था। दो बार नोटिस जारी करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत एक दिन का अतिरिक्त समय भी दिया गया, लेकिन केवल एक मजार के प्रबंधन की ओर से जवाब मिला, वह भी बिना आवश्यक दस्तावेजों के।
प्रशासन का कहना है कि ये सभी निर्माण परिसर के नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऐसे में अब संबंधित पक्षों को अंतिम रूप से सूचित कर 15 दिन का समय दिया जाएगा। इसके बाद भी मजारें नहीं हटाई गईं तो प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा।
मजारों को हटाने का निर्णय परिसर में व्यवस्था बनाए रखने और अनधिकृत निर्माणों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा चुकी हैं।
प्रवक्ता के अनुसार, रमजान के चलते इस कार्रवाई को कुछ समय के लिए टाल दिया गया था, लेकिन अब प्रक्रिया फिर से शुरू कर दी गई है।
इस मामले को लेकर पहले भी विवाद हो चुका है। ऑल इंडिया मोहम्मदी मिशन ने केजीएमयू प्रशासन के खिलाफ तहरीर दी थी, जबकि प्रशासन ने संस्था पर छवि खराब करने और धमकाने का आरोप लगाते हुए लीगल नोटिस भेजा था।
गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत वर्ष 2025 में हुई थी, जब न्यायालय के आदेश के बाद 26 अप्रैल 2025 को हाजी हरमैन शाह की मजार के आसपास का निर्माण ध्वस्त किया गया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को मजारों को हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस जारी किया गया, और 9 फरवरी को दूसरी बार नोटिस देकर अतिरिक्त समय दिया गया था।





