तूफान का कहर: फसलों को भारी नुकसान, 90 से ज्यादा बिजली पोल टूटे

फिरोजाबाद जिले में शुक्रवार रात करीब नौ बजे आई तेज आंधी और उसके बाद हुई बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक महज 20 मिनट में भारी तबाही देखने को मिली। किसानों की खड़ी और कटी फसलें बर्बाद हो गईं, वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा।
आंधी के दौरान बिजली के खंभे और तार टूटने से जिले के लगभग 350 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी रात अंधेरा छाया रहा। शहरी क्षेत्रों में भी कई इलाकों में बिजली बाधित रही।
ग्रामीण अंचल में इस बेमौसम आंधी और बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। गेहूं की कटाई का सीजन चरम पर होने के बावजूद खेतों में कटी पड़ी फसल हवा में उड़ गई। मक्खनपुर और फरिहा क्षेत्रों में गेहूं की लांक बुरी तरह प्रभावित हुई, जबकि कई स्थानों पर रखा भूसा भी उड़कर नष्ट हो गया। नगला बहादुर के वीरेंद्र सिंह और इंदुमई के सुरजन सिंह सहित कई किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
जिला कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान के अनुसार, जिले में व्यापक स्तर पर फसलों को नुकसान पहुंचा है और मौसम के मौजूदा हालात को देखते हुए अगले एक-दो दिन तक कटाई कार्य प्रभावित रहने की आशंका है।
आंधी का असर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर भी पड़ा है। रैपुरा फीडर से जुड़े सैलई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का इंसुलेटर फ्यूज उड़ने से प्लांट करीब चार घंटे तक बंद रहा। इसके कारण सत्यनगर, टापा कलां, हनुमान जलाशय, विभव नगर और नगला बरी क्षेत्रों में जलापूर्ति बाधित हो गई और हजारों घरों में पानी नहीं पहुंच सका।
तेज हवाओं के कारण खैरगढ़-प्रतापपुर मार्ग, शेखपुरा, हाथवंत और नगला भोला सहित कई स्थानों पर पेड़ गिरने से सड़कें अवरुद्ध हो गईं। नारखी क्षेत्र में नयाबांस के पास पेड़ गिरने से वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी रही। वहीं शहर में होर्डिंग और बैनर उखड़कर गिरने से हादसे होते-होते बचे।





