लोकार्पण बना अखाड़ा, फीता काटने की बात पर भिड़े विधायक और भारतीय जनता पार्टी जिलाध्यक्ष

डीडवाना–कुचामन जिले के मकराना में गुरुवार को उस वक्त विवाद खड़ा हो गया, जब उपजिला अस्पताल में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान फीता काटने को लेकर कांग्रेस विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष आमने-सामने आ गए। मामला इतना बढ़ा कि अस्पताल के पीएमओ को भी नेताओं की नाराज़गी झेलनी पड़ी।
गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मकराना उपजिला अस्पताल में दो डायलिसिस मशीन, एक सोनोग्राफी मशीन और दवा वितरण केंद्र के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसी दौरान कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ के बीच विवाद हो गया।
नाम लेने से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत स्वागत भाषण के दौरान हुई, जब अतिथियों के नाम लिए जा रहे थे। सबसे पहले भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम बोले जाने पर विधायक गैसावत नाराज़ हो गए और इसे प्रोटोकॉल के खिलाफ बताया। इस बात को लेकर मंच पर ही बहस शुरू हो गई।
फीता काटने पर बढ़ी तकरार
इसके बाद उद्घाटन के समय विधायक गैसावत ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए डायलिसिस रूम का फीता काट दिया। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनीता रांदड़ भड़क गईं और उन्होंने अस्पताल के पीएमओ डॉ. रामनिवास आंवला को मौके पर ही खरी-खोटी सुना दी।
जिलाध्यक्ष ने ऊंची आवाज में कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम भाजपा सरकार के दौरान हो रहा है और जिलाध्यक्ष के प्रोटोकॉल को भी समझा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें बुलाकर पार्टी का अपमान किया गया है।
विधायक का पलटवार
विवाद बढ़ने पर विधायक जाकिर हुसैन गैसावत ने भाजपा जिलाध्यक्ष पर तंज कसते हुए कहा,
“एक बार चुनाव जीतकर आओ, तब प्रोटोकॉल समझ में आएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल का उद्घाटन सरकारी कार्यक्रम है और इसमें विधायक व जनप्रतिनिधियों का प्रोटोकॉल लागू होता है। पार्टी के कार्यक्रमों का लोकार्पण पार्टी कार्यालय में किया जाना चाहिए।
बाद में हुआ उद्घाटन
काफी देर चली नोकझोंक के बाद हालात शांत हुए और बाद में सोनोग्राफी रूम तथा दवा वितरण केंद्र का भी फीता काटकर उद्घाटन किया गया।
इस घटनाक्रम ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है और अस्पताल जैसे सार्वजनिक स्थल पर हुए इस विवाद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।





