जनवरी में कड़ाके की सर्दी के संकेत, न्यूनतम तापमान में और गिरावट की संभावना

अलवर में साल के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। सोमवार सुबह से जिलेभर में घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी घटकर 50 मीटर से भी कम रह गई। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई जगहों पर यातायात की रफ्तार बेहद धीमी रही।
दिसंबर महीने में जहां सर्दी का असर कमजोर रहा, वहीं अब जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। पहले दिन के समय तेज धूप निकलने से ठंड का असर कम महसूस होता था, लेकिन अब बादल छाए रहने से दिन में भी सर्दी बढ़ गई है।
5 डिग्री के करीब पहुंचा न्यूनतम तापमान
अलवर में न्यूनतम तापमान अब 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। सुबह, शाम और रात के समय ठंड का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। घने कोहरे के चलते सोमवार सुबह साढ़े 8 बजे तक सड़क लाइटें जलती रहीं।
इन इलाकों में ज्यादा रहा कोहरा
शहर और बाहरी इलाकों में कोहरे का असर ज्यादा देखने को मिला। टेल्को चौराहा, राठ नगर, चिकानी रोड, रामगढ़ रोड, बहरोड़ रोड, डेहरा शाहपुरा टोल टैक्स, बुद्ध विहार के पहाड़ी क्षेत्र और बिजली घर चौराहे के पास जिला अस्पताल के सामने घना कोहरा छाया रहा।
सर्दी बढ़ने से फसलों को मिलेगा फायदा
अब बढ़ती सर्दी से किसानों के चेहरे खिलने लगे हैं। दिसंबर में ठंड कम रहने के कारण फसलों की ग्रोथ प्रभावित हुई थी, लेकिन अब तापमान गिरने से गेहूं और सरसों की फसलों में तेजी से बढ़वार होने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि अच्छी पैदावार के लिए कड़ाके की सर्दी जरूरी होती है।
इस साल सरसों और गेहूं की पैदावार बेहतर रहने का अनुमान है। हालांकि प्याज की खेती में किसानों को नुकसान उठाना पड़ा, जिसके बाद प्याज की कटाई कर गेहूं की बुआई की गई।





