ग्रामीणों का फैक्ट्री लगाने पर बड़ा विरोध:मर जाएंगे, लेकिन फैक्ट्री नहीं लगने देंगे महिलाओं का फूटा गुस्सा

हनुमानगढ़ में बन रही एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ पिछले 15 महीनों से किसान और ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे समय तक शांतिपूर्वक विरोध करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई।

10 दिसंबर शाम 4 बजे विरोध अचानक हिंसक हो गया। राठीखेड़ा गांव में प्रदर्शनकारी फैक्ट्री के अंदर घुसे और ऑफिस में आग लगा दी। दीवार तोड़ दी और कई गाड़ियों, जेसीबी पर भी आग लगा दी। विरोध अगले दिन दोपहर तक चलता रहा।

एडीजी वीके सिंह ने बताया कि यह हिंसा बाहरी लोगों की वजह से भड़की, जो पंजाब-हरियाणा और आसपास के जिलों से आए थे। हिंसा में पुलिस और होमगार्ड के 36 से ज्यादा जवान घायल हुए हैं। पांच को गंभीर चोट आई है।

महिलाओं ने कहा—पुलिस ने कपड़े फाड़े, बाल खींचे

विरोध कर रहीं कई महिलाओं ने पुलिस पर ज्यादती के आरोप लगाए।

परमजीत कौर बोलीं—

“मैं घर जा रही थी, पुलिस वालों ने बाल पकड़कर घसीटा और मारा।”

अमरदीप कौर ने कहा—

“हम धरने पर बैठे थे। पुलिस ने मेरे कपड़े फाड़ दिए। मेरे बेटे का सिर फट गया। हम डर के मारे रातभर गुरुद्वारे में रहे ताकि पुलिस पकड़ न ले।”

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि एक सरदार की पगड़ी उतारी गई और मारपीट हुई।

ग्रामीण बोले—फैक्ट्री से पानी खराब होगा, बीमारियां बढ़ेंगी

ग्रामीणों और महिलाओं का कहना है कि—

  • फैक्ट्री से पानी और हवा प्रदूषित होगी
  • जमीन खराब होगी
  • दमा, कैंसर और चर्म रोग जैसी बीमारियां बढ़ेंगी

उनका कहना है कि—

“हम मर जाएंगे, लेकिन फैक्ट्री नहीं लगने देंगे।”

16 से अधिक गाड़ियां जलीं, कई परिवार घर छोड़कर चले गए

हिंसा के दौरान 16 से ज्यादा वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई।
फैक्ट्री के पास की 25–30 ढाणियों के लोगों ने डर के कारण अपने घर खाली कर दिए।
कई महिलाएं और घायल लोग रातभर गुरुद्वारा सिंह सभा में रुके, जहां उनका इलाज भी किया गया।

40 लोग हिरासत में, 107 पर केस दर्ज

पुलिस ने हिंसा में शामिल 107 लोगों पर मामला दर्ज किया है और अब तक 40 लोगों को हिरासत में लिया है।
विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को भी किसानों की सभा में जाते समय हिरासत में लिया गया।

Related Articles

Back to top button