सीनियर मैनेजर की ऑडिट में खुली करोड़ों की गोल्ड लोन धोखाधड़ी, बैंक अधिकारियों पर केस दर्ज

कोतवाली थाना क्षेत्र में बजाज फाइनेंस लिमिटेड की ओर से करोड़ों की गोल्ड लोन हेराफेरी का बड़ा मामला दर्ज कराया गया है। आरोप है कि शाखा के कर्मचारियों ने नकली सोने के बदले लोन स्वीकृत किए और डबल लॉक तिजोरी में रखे असली सोने के आभूषणों को चोरी कर नकली गहनों से बदल दिया।

ऑडिट में खुला घोटाला

कंपनी के सीनियर मैनेजर विपिन गौड़ ने बताया कि 28 अगस्त से 5 सितंबर 2025 के बीच हुई ऑडिट में यह हेराफेरी सामने आई।
मुख्य आरोपी देवप्रताप सिंह चौहान ने स्वीकार किया कि उसने तिजोरी से असली सोना निकालकर नकली गहनों से बदल दिया और फर्जी व्यक्तियों के नाम पर गोल्ड लोन स्वीकृत कर 98,06,240 रुपये निकाल लिए।

ऑडिट से बचने के लिए उसने पैकेट बदलकर उन पर ऑडिटर के फर्जी हस्ताक्षर भी किए।
सीसीटीवी फुटेज में देवप्रताप के तिजोरी खोलने, सोना निकालने और पैकेट बदलने की गतिविधियां स्पष्ट दिखीं।

तीन कर्मचारियों की मिलीभगत

पूछताछ में देवप्रताप के साथ अभिषेक गुप्ता, योगिता जांगिड सहित अन्य कर्मचारियों की मिलीभगत सामने आई।
उन्होंने स्वीकार किया कि 19 गोल्ड लोन पैकेटों में सोना बदला गया।
घोटाले से कंपनी को 98 लाख से अधिक का नुकसान हुआ है, जिसमें से कुछ राशि आरोपियों ने लौटाई भी है:

  • अभिषेक गुप्ता – ₹35,00,000
  • सुरेंद्र गोयल – ₹20,88,362
  • योगिता जांगिड – ₹4,96,999
  • देवप्रताप सिंह – ₹99,000

फिर भी कंपनी को लगभग ₹38 लाख का नुकसान बाकी है।

देवप्रताप की धमकी

रिपोर्ट के अनुसार, जब कंपनी ने देवप्रताप से जवाब मांगा तो उसने धमकी दी कि उसके रिश्तेदार वकील हैं और न कंपनी, न पुलिस उसका कुछ बिगाड़ पाएगी।

पुलिस केस दर्ज

कंपनी ने दस्तावेज, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के बयान पुलिस को सौंप दिए हैं।
कोतवाली पुलिस ने मामला धारा 316(4) BNS के तहत दर्ज कर एएसआई विजेंद्र सिंह को जांच सौंपी है।

डबल लॉक तिजोरी सिस्टम भी तोड़ा गया

जांच में सामने आया कि तिजोरी की दो चाबियां अलग-अलग कर्मचारियों के पास रहती थीं, फिर भी तिजोरी खोलकर सोना बदला गया।
सीसीटीवी में देवप्रताप को कई बार तिजोरी से गहने निकालते हुए देखा गया है।

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