यमुना जल लाने के मुद्दे पर राजनीति गरमाई, रावत बोले डोटासरा केवल बयानबाजी कर रहे हैं

राजस्थान में यमुना जल समझौते को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है, वहीं अब जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर कड़ा पलटवार किया है।
डोटासरा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए रावत ने कहा कि डोटासरा यह स्पष्ट करें कि क्या वे वास्तव में शेखावाटी के लिए पानी चाहते हैं या सिर्फ नकारात्मक राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीयत यमुना जल समझौते को लेकर हमेशा संदेहास्पद रही है, और सत्ता में रहते हुए भी कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में “एक भी पत्र तक नहीं लिखा।”
“संयुक्त टास्क फोर्स बना दी गई है”
मंत्री रावत ने कहा कि वर्तमान सरकार ने शेखावाटी में यमुना जल लाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में समझौते का रास्ता साफ किया गया है। इसके लिए संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया गया है, जो परियोजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है।
उन्होंने दावा किया कि सरकार इस योजना को जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कांग्रेस पर ERCपी परियोजना लटकाने का आरोप
रावत ने कांग्रेस पर ईआरसीपी परियोजना को वर्षों तक लंबित रखने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि पिछली सरकार ने परियोजना को लटकाया-बटकाया, जबकि वर्तमान सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
विवाद लगातार गर्म
यमुना जल समझौते को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाज़ी चल रही है। विधानसभा के पिछले सत्र में भी इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ था और अब सड़क से सदन तक यह सियासी टकराव और तेज हो गया है।





