अधिकारियों ने लापरवाही पर जताई नाराजगी अस्पताल प्रशासन से तत्काल सुधार की मांग

अलवर जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को राजमेस की टीम ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान पता चला कि अस्पताल में 7 ऑपरेशन टेबल हैं, लेकिन उनमें से केवल 3 ही चालू स्थिति में हैं, जबकि बाकी 4 टेबल सिविल कार्य के चलते बंद पड़ी हुई हैं। इस कारण अस्पताल में आधे से भी कम ऑपरेशन हो पा रहे हैं, जिससे आमजन को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तीन महीने तक बनी रह सकती है समस्या
अस्पताल में चल रहे सिविल और मरम्मत कार्यों के चलते यह स्थिति अगले तीन महीने तक बनी रह सकती है। राजमेस के एसोसिएट प्रोफेसर गुरु शरण पुरी के नेतृत्व में निरीक्षण टीम ने ऑपरेशन थिएटर की स्थिति की समीक्षा की।
टीम ने पाया कि मरम्मत कार्यों के चलते सभी ऑपरेशन टेबलों पर चिकित्सा कार्य करना संभव नहीं है और केवल तीन टेबलों पर ही सर्जरी की जा रही है। इस पर डॉ. पुरी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
CMO को दिया अल्टीमेटम
स्थिति को लेकर टीम ने प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. सुनील चौहान को चेतावनी देते हुए तीन महीने का समय दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि:
- सभी ऑपरेशन टेबल को निर्धारित समय सीमा में चालू किया जाए
- ऑपरेशन थिएटर की क्षमता को 100% बहाल किया जाए
- मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए
- निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर CMO के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच भी की गई
निरीक्षण के दौरान फायर फाइटिंग सिस्टम की जांच की गई और मॉक ड्रिल कराई गई। इसमें संतोषजनक परिणाम मिले, लेकिन टीम ने फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल को और सख्ती से लागू करते रहने के निर्देश दिए।
सिविल कार्यों में देरी को लेकर चिंता
अस्पताल परिसर में चल रहे सिविल कार्यों में देरी पर भी राजमेस टीम ने चिंता जताई। सार्वजनिक निर्माण विभाग और इलेक्ट्रिक विभाग को निर्माण और मरम्मत कार्य तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि चिकित्सा सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।





