सुरक्षा पर सवाल: रेंटल कार हादसों की श्रृंखला में वनपाल की दर्दनाक मौत

अलवर में रेंटल कारों की लापरवाही लगातार जान ले रही है। पिछले 20 दिनों में रेंटल कार से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले सहायक वनपाल जोगेंद्र सिंह चौहान को भी एक रेंटल कार ने कुचल दिया। हादसा उनके 11 साल के बेटे के सामने हुआ। आरोपी ड्राइवर को पुलिस ने 24 घंटे में गिरफ्तार कर कार को जब्त कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, कार चला रहा युवक ट्रेनिंग प्राप्त नहीं था, फिर भी रेंट पर वाहन लेकर चला रहा था। हादसा भवानीतोप चौराहे पर हुआ, जहां कार ने रोड किनारे खड़े वनपाल को टक्कर मार दी। बेटा बाल-बाल बच गया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी को अलवर शहर से पकड़ा।
1 नवंबर की रात चिकानी रोड पर भी रेंटल कार ने एक परिवार को कुचल दिया था। पांच में से एक बालिका ही बच सकी, जो अभी अस्पताल में भर्ती है।
घटना के बाद पुलिस ने कई रेंटल कारों को पकड़कर जांच शुरू कर दी है। अलवर में किसी भी रेंटल सर्विस का वैध लाइसेंस नहीं है। बिना लाइसेंस कार देने वाले वाहन मालिकों पर 38 और 102 एमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। राजस्थान से बाहर नंबर वाली कारों पर अलग से जुर्माना लगाया जाएगा।





